घर चलाने की मजबूरी ने धकेला नशीले पदार्थों के कारोबार में
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :19 Jun 2016 6:24 AM (IST)
विज्ञापन

57 किलो गांजे के साथ पकड़े गये हदीश ने किये कई खुलासे पांच बच्चों का भरण-पोषण करना हो रहा था मुश्किल औरंगाबाद (ग्रामीण) : पांच बच्चों के भरण-पोषण व घर चलाने की मजबूरी ने हदीश को नशीले पदार्थों के कारोबार के दलदल में ढकेल दिया. शनिवार को उत्पाद विभाग द्वारा की गयी छापेमारी के दौरान […]
विज्ञापन
57 किलो गांजे के साथ पकड़े गये हदीश ने किये कई खुलासे
पांच बच्चों का भरण-पोषण करना हो रहा था मुश्किल
औरंगाबाद (ग्रामीण) : पांच बच्चों के भरण-पोषण व घर चलाने की मजबूरी ने हदीश को नशीले पदार्थों के कारोबार के दलदल में ढकेल दिया. शनिवार को उत्पाद विभाग द्वारा की गयी छापेमारी के दौरान पत्नी रेखा के साथ पकड़ा गया हदीश मीडिया के समक्ष अपनी कहानी सुना कर रो पड़ा. उसने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में काम मिलना काफी मुश्किल था. लेकिन, घर चलाना भी जरूरी था. ऐसी स्थिति में हमारे बच्चे भूखमरी के शिकार न हो जाये, इसलिए इस पेशे में आया. उसने बताया कि शराबबंदी के बाद यही एक ऐसा पेशा था, जिसमें कम लागत पर नशीले पदार्थ प्राप्त हो जाते थे और बाजार में ऊंची कीमत पर हाथों-हाथ बिक जाते थे. इसके लिए हमें ग्राहकों को खोजना नहीं पड़ता था,
बल्कि ग्राहक खुद मधुमक्खी की तरह चले आते थे. उसने कहा कि अब तक वह 30 किलो गांजा पहली खेप में लाकर बेच चुका है, परंतु दूसरी खेप में 57 किलो लाने के दौरान पकड़ा गया. उसने बताया कि इस काम में अपनी पत्नी को इसलिए साथ रखता था कि पुलिस शक न करे और उसका माल आसानी से घर तक पहुंच जाये. पकड़े जाने के बाद उसने अफसोस तो जाहिर किया, लेकिन एक सवाल सरकार के सामने छोड़ गया कि शराबबंदी से ज्यादा जरूरी लोगों की इच्छाशक्ति और प्रवृतियों को बदलने की है. अन्यथा, पूरे बिहार में शराबबंदी के बाद भी यह कारगर नहीं हो पा रही है. क्योंकि, आज भी शहर हो या गांव के लोग, आराम से नशे का सेवन कर रहे हैं और अवैध रूप से कारोबार करने वाले लोगों के हौसले बुलंद होते जा रहे है.
तीन गुना होता था मुनाफा : उत्पाद पुलिस के हत्थे चढ़े मोहम्मद हदीश ने चौकाने वाला खुलासा किये हैं. उसने बताया कि अंबिकापुर में 1400 रुपये किलो की दर से गांजे की खरीदारी की थी. प्रति किलो तीन गुना मुनाफा हो जाता था. थोक भाव में तीन हजार रुपये किलो व खुदरा में 500 रुपये प्रति 100 ग्राम की दर से ग्राहक गांजे की खरीदारी कर लेते थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




