शहर की नींद उड़ा रहा था सरगना संतोष

Published at :03 Jun 2016 8:00 AM (IST)
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शहर की नींद उड़ा रहा था सरगना संतोष

चार लुटेरों की गिरफ्तारी के बाद एसपी बोले- बड़ा अपराधी बनने की थी मंशा औरंगाबाद (सदर) : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मंजूराही गांव से पकड़े गये चार अपराधियों का सरगना संतोष मेहता अपने चचेरे भाई सुजीत मेहता की तरह बड़ा अपराधी बनना चहता था. यह जानकारी गुरुवार को एसपी बाबू राम ने पकड़े गये अपराधियों […]

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चार लुटेरों की गिरफ्तारी के बाद एसपी बोले- बड़ा अपराधी बनने की थी मंशा
औरंगाबाद (सदर) : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मंजूराही गांव से पकड़े गये चार अपराधियों का सरगना संतोष मेहता अपने चचेरे भाई सुजीत मेहता की तरह बड़ा अपराधी बनना चहता था. यह जानकारी गुरुवार को एसपी बाबू राम ने पकड़े गये अपराधियों के साथ पत्रकार वार्ता के दौरान दी. उन्होंने बताया कि सुजीत अंबा थाना क्षेत्र के दधपा गांव का रहने वाला है.
सुजीत एक कुख्यात अपराधी था, जो दर्जनों लूटपाट के साथ हत्या जैसे मामले में भी शामिल रहा है. फिलहाल, सुजीत हत्या के एक मामले में औरंगाबाद मंडलकारा में बंद है. एसपी ने बताया कि संतोष मेहता शहर के रेखा मेमोरियल अस्पताल में कंपाउंडर का काम किया करता था. पकड़े जाने के बाद संतोष ने बताया कि वे अपने आजीविका से खुश नहीं था. उसे अत्यधिक रुपये कमाने व बड़े भाई सुजीत की तरह अपराधी बनने का शौक चढ़ा था. कंपाउंडर की नौकरी छोड़ संतोष ने फिर अपने ही परिजन व मित्र के साथ मिल कर एक गैंग को तैयार किया और फिर बैंक लूट, स्नैचिंग, रोड लूट, बाइक लूट व छिनतई जैसे घटने से अपना पैर आपराधिक दुनिया में जमाने लगा. एसपी ने बताया कि संतोष के साथ पकड़े गये. अन्य तीन उज्जवल मिश्रा निवासी क्षत्रिय नगर औरंगाबाद, अजीत कुमार मंसा बिगहा थाना टंडवा व शुभम कुमार निवासी बडहेता थाना कुटुंबा का निवासी है. जिन्होंने पूर्व में शहर के बंधन बैंक के पांच लाख रुपये लूट लिये थे.
एसपी ने बताया कि उक्त अपराधियों के पास से एक लाल काला रंग का प्लसर बाइक बी आर 26 जी 9400, दो कटा, छह कारतूस, पांच मोबाइल एक मॉडेम, एक हार्ड डिस्क व एक कनेक्टर बरामद किया गया है. इनकी गिरफ्तारी गुप्त सूचना के आधार पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत मंजूराही गांव से सामने एनएच दो के उतरी लेन के तरफ लूट पाट की योजना बनाते की गयी. पुलिस को जैसे ही इन अपराधियों की सूचना मिली वैसे ही मुफस्सिल थानाध्यक्ष मो सहूद अख्तर अंसारी, कुटुंबा थानाध्यक्ष सुभाष राय, अंबा थानाध्यक्ष राजेश कुमार, नवीनगर थानाध्यक्ष आशीष कुमार साह, रिसियप थानाध्यक्ष प्रवीर कुमार ने सशस्त्र बल के सिपाहियों के साथ एक टीम तैयार की और फिर पुलिस जीप से मंजुराही मोड़ के पास पहुंच कर एनएच दो के उत्तरी लेन में घेराबंदी करते हुए अपराधियों को धर दबोचा.
जिन घटनाओं का दिया था अंजाम
गिरफ्तार संतोष मेहता एवं उज्जवल मिश्रा के द्वारा 15 अप्रैल को बटाने पुल के पास से एक प्लसर बाइक लूटने के अलावे 14 मई को ओरा पुल के पास से औरंगाबाद जिला समाहरणालय के कर्मचारी का बाइक रुकवा कर रुपये, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव व मोबाइल लूटे थे.
इसके अलावा लूट के अन्य कई कांडों में भी गिरफ्तार अपराधियों ने अपनी संलिप्ता स्वीकार की है. एसपी नेे बताया जपला बीयरबार लूट में पूर्व में पकडा गया शशि मेहता उर्फ टुनु भी संतोष के ही गैंग का सदस्य था.
नहीं पकड़े जाते, तो हो सकती थी बड़ी घटना .एसपी ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि संतोष मेहता के इस गैंग को पुलिस कई दिनो से तलाश रही थी. अगर यह बुधवार की रात नही पकडे जाते तो शहर में कभी भी एक बडी लूट हो सकती थी. संतोष मेहता ने खुद स्वीकार किया है कि वह अपने साथियों के साथ मंजूराही गांव में इसी लूट पाट के फिराकर में एक जगह जमा हुआ था.
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