कन्या विवाह के रुपये पाने के लिए महिला ने गिरवी रखी पायल

Published at :24 Dec 2015 6:53 PM (IST)
विज्ञापन
कन्या विवाह के रुपये पाने के लिए महिला ने गिरवी रखी पायल

कन्या विवाह के रुपये पाने के लिए महिला ने गिरवी रखी पायलयोजना का लाभ लेने के लिए मुखिया को दी पायल के पैसे, पर अब तक नहीं मिले रुपये फोटो नंबर-9, परिचय-महिला रेणु देवी , व नाम से भेजी गयी है.देवकुंड ,(औरंगाबाद).बेटियों के उत्थान के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है. लेकिन […]

विज्ञापन

कन्या विवाह के रुपये पाने के लिए महिला ने गिरवी रखी पायलयोजना का लाभ लेने के लिए मुखिया को दी पायल के पैसे, पर अब तक नहीं मिले रुपये फोटो नंबर-9, परिचय-महिला रेणु देवी , व नाम से भेजी गयी है.देवकुंड ,(औरंगाबाद).बेटियों के उत्थान के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है. लेकिन योजनाओं का लाभ असल लाभुकों तक नहीं पहुंच पा रहा है. कहीं न कहीं, कोई न कोई इसके लिए जिम्मेवार है. बेटियों की शादी के लिए सरकार द्वारा चलायी जा रही है कन्या विवाह योजना का लाभ भी असल लाभुकों को नहीं मिल पा रहा है. लाभ मिला भी रहा है तो मंहगी कीमत चुकाने के बाद. ऐसा ही एक मामला गोह प्रखंड के हथियारा पंचायत में भी प्रकाश में आया है. एक महिला को कन्या विवाह के रुपये पाने के लिए अपने पायल तक गिरवी रखने पड़ गये. वह इसलिये कि लाभ पाने के लिए उसे भी किसी को कुछ लाभ देना भी था. हालांकि यह मामला पुराना है, लेकिन जब महिला को लाभ नहीं मिला तो उसके दर्द भरे दास्तां अब सामने आये हैं. रेणु देवी नामक महिला की दर्द भरी दास्तां सरकारी अफसरों की नींद उड़ाने लायक है. खासकर उन अफसरों की नींद जो सरकारी योजनाओं को असल लाभुकों तक बगैर घूस पहुंचाने का दावा करते है. देवकुंड की रेणु देवी ने अपनी ही पंचायत के मुखिया पर कन्या विवाह के रुपये का लाभ दिलाने के लिए एक हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया. महिला की शिकायत है कि वर्ष 2014 में उसकी बेटी चंपा की शादी थी. कन्या विवाह योजना का लाभ लेने के लिए मुखिया राजेश्वर सिंह के पास गयी. उन्होंने खर्च के नाम पर एक हजार रुपये की मांग की. पैसा चुकाने व लाभ पाने के लिए गांव के ही श्रीकांत नामक व्यक्ति के पास पायल को गिरवी रख दी. बदले में 700 रुपये मिले. इसके बाद 300 रुपये पास से मिला कर मुखिया को एक हजार रुपये दी. लेकिन अब तक योजना का लाभ नहीं मिला.————— क्या कहते हैं श्रीकांत सिंहमहिला को पैसे की जरूरत थी. पायल गिरवी रखने के एवज में उसे 700 रुपये दिया हूं. तीन माह पहले पैसे देने पर पायल वापस कर दिया.—————— क्या कहते हैं मुखियामहिला का आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत व बेबुनियाद है. जिस लाभुक ने हमें पैसा दिया है वह आकर मेरे पास कहे. मैं किसी से पैसा नहीं लिया हूं. —————क्या कहते हैं सीओ (जो बीडीओ के भी प्रभार में हैं) मामले की जानकारी अब मिली है. इसकी जांच की जायेगी. जांच में दोषी पाये जाने पर कार्रवाई भी की होगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन