बटन जोर से दबाइए कि आवाज राहुल के ननिहाल इटली तक पहुंचे : शाह

Published at :13 Oct 2015 5:50 AM (IST)
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बटन जोर से दबाइए कि आवाज राहुल के ननिहाल इटली तक पहुंचे : शाह

औरंगाबाद (नगर) : 16 अक्तूबर को यहां होने वाले चुनाव में कमल का बटन इतना जोर से दबाइये कि इवीएम की आवाज राहुल के ननिहाल इटली तक पहुंच जाये. ये बातें सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने औरंगाबाद विधानसभा क्षेत्र के विशुनपुर गांव के खेल मैदान में चुनावी सभा को संबोधित करते […]

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औरंगाबाद (नगर) : 16 अक्तूबर को यहां होने वाले चुनाव में कमल का बटन इतना जोर से दबाइये कि इवीएम की आवाज राहुल के ननिहाल इटली तक पहुंच जाये. ये बातें सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने औरंगाबाद विधानसभा क्षेत्र के विशुनपुर गांव के खेल मैदान में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहीं. सभा में अमित शाह ने कहा कि पांच चरणों के चुनाव में जनता तय करेगी कि बिहार में आठ नवंबर को किसकी सरकार बनेगी. कौन सीएम होगा?
आज मेरा बिहार में 26वां सभा है. सभी जगह परिवर्तन की लहर दिखायी दे रही है. आठ नवंबर को नीतीश कुमार राज्यपाल के पास जायेंगे और अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री पद से सौंप देंगे. आपसे विनती करने आया हूं कि सूर्य मंदिर के पवित्र धरती को विकसित करना है, तो रामाधार सिंह को वोट करें. जनता की ओर इशारा करते हुए अमित शाह ने पूछा कि गांव में 24 घंटे बिजली आती है क्या? रोड से गांव जुड़ा है क्या?
शिक्षा व्यवस्था सही है क्या? भीड़ से आवाज निकली नहीं. शाह ने कहा कि बिहार के लोग दूसरे राज्य में जाते हैं और रोजगार करते हैं. जहां बीजेपी की सरकार बनती है वहां दूसरी पार्टी की सरकार नहीं बनती है. बीजेपी गरीबों के लिए काम करती है.15 साल लालू को विकास के लिए मौका दिया और 10 साल नीतीश को भी फिर भी बिहार का विकास नहीं हुआ. एक मौका बीजेपी को दीजिए यह राज्य देश का नंबर वन राज्य बनेगा.
लालू के शासन को लोग क्या कहते थे, जंगल राज. उस राज में लोगों की रुह कांप जाती थी. उसे खात्मा कर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया. 2013 में नीतीश कुमार ने बिहार के जनादेश के पीठ में छुरा घोंप दिया और गंठबंधन को तोड़ दिया. लालू के गोद में जाकर बैठ गये. नीतीश कुरसी के स्वार्थ में गंठबंधन किया है.
नीतीश के एक कंधे पर जंगलराज बैठा है, तो दूसरे कंधे पर कांग्रेस घोटालेबाज. यह नीतीश नहीं, बिहार के विकास के लिए पैकेज है:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार का विकास चाहते हैं. प्रधानमंत्री बनते ही बिहार के विकास के लिए एक लाख 65 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिया.
जब पैकेज बिहार को मिला तो नीतीश जी कहते हैं कि हमें पैकेज नहीं चाहिए, हम अपने पैर पर खड़े हो जायेंगे. अरे.. नीतीश कुमार आपके लिए पैकेज नहीं है, बिहार के विकास के लिए पैकेज है. एक लाख 65 हजार करोड़ रुपये पर बिहार की जनता का अधिकार है. यह पैकेज महादलितों, महिलाओं व किसानों के लिए है. नीतीश ने जिस तरह से जॉर्ज फर्नांडिस का धोखा दिया, उसी तरह बीजेपी व जीतन राम मांझी के साथ धोखा देेने का काम किया है. लालू, नीतीश जब भाषण देते हैं तो नरेंद्र मोदी का नाम सिर्फ लेते हैं.
ये लोग कहते हैं कि कउवां काटेंगे, कबूतर मारेंगे, चूहा मारेंगे. कउवां काटने से पानी मिलेगा क्या? कबुतर मारने से दवा मिलेगी क्या? चूहा मारने से बिजली मिलेगी क्या? नीतीश कुमार कहते हैं कि हम बिहारी है. बाहरी मुख्यमंत्री नहीं चाहिए . आठ नवंबर को बीजेपी का सीएम बिहारी ही होगा. चुनाव भारत का नहीं है बिहार का है. नीतीश कुमार विकास की बात करो.
10 साल में क्या विकास किया. उसका रिपोर्ट जनता को दो. जब हम 2019 में लोकसभा चुनाव मेें वोट मांगने के लिए आयेंगे तो रिपोर्ट लेकर आयेंगे. आज अखबार पढ़े होंगे, उनके मंत्री घुस लेते पकड़े गये, और कई मंत्री ऐसे हैं. मंत्री जब घुस ले रहा हो तो सीएम क्या करते होंगे, यह किसी से छिपी हुई नहीं है.
जो पार्टियां कैमरे के साथ घुस लेते पकड़े जाये वह पार्टियां विकास नहीं कर सकती है. हम चाहते हैं युवाओं को रोजगार, किसानों को पानी, गरीबों को दवा मिले. मोदी के साथ जो प्रदर्शन करेगा, उसको विकास नहीं होगा. विकास उसको होगा जो मोदी के साथ हाथ मिलायेगा.
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