एमयू कैंपस में नये सत्र से हॉस्टलों में नये नियम, भ्रष्टाचार में डूबे डीसीओ हैं दोषी

Published at :24 Jun 2015 8:44 AM (IST)
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एमयू कैंपस में नये सत्र से हॉस्टलों में नये नियम, भ्रष्टाचार में डूबे डीसीओ हैं दोषी

औरंगाबाद कार्यालय: मंगलवार को भाजपा सांसद सुशील कुमार सिंह के सिंह कोठी आवास पर पैक्स अध्यक्ष अपनी समस्या लेकर पहुंचे और सांसद के समक्ष अपनी बातों को रखते हुए कहा कि पैक्स का बकाया पैसा सहकारिता विभाग नहीं दे रही है. इससे किसानों को धान का पैसा नहीं मिल रहा है और किसान पैक्स अध्यक्षों […]

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औरंगाबाद कार्यालय: मंगलवार को भाजपा सांसद सुशील कुमार सिंह के सिंह कोठी आवास पर पैक्स अध्यक्ष अपनी समस्या लेकर पहुंचे और सांसद के समक्ष अपनी बातों को रखते हुए कहा कि पैक्स का बकाया पैसा सहकारिता विभाग नहीं दे रही है. इससे किसानों को धान का पैसा नहीं मिल रहा है और किसान पैक्स अध्यक्षों के विरुद्ध आक्रोशित हो रहे हैं.

पैक्स अध्यक्षों की बात सुनने के बाद सांसद ने कहा कि मामला किसानों का है, लेकिन परेशान दोनों हैं और इसमें जिला सहकारिता पदाधिकारी (डीसीओ) पूरी तरह दोषी हैं. भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं. इनके द्वारा धान खरीद की गलत रिपोर्ट सरकार को भेजी गयी, जिसका खामियाजा किसान व पैक्स अध्यक्ष भुगत रहे हैं.

सांसद ने कहा कि धान खरीदगी मामले में यह स्पष्ट हो चुका है कि जिस पंचायत में सुखाड़ पड़ा था, वहां सबसे अधिक धान खरीद की रिपोर्ट डीसीओ द्वारा बनायी गयी और जो नहरी क्षेत्र था, वहां कम खरीदगी की रिपोर्ट तैयार की. यही नहीं एक दिन यानी कि 31 मार्च को इन्होंने 68 हजार एमटी धान खरीद की रिपोर्ट बनायी. जिला सहकारिता पदाधिकारी ने जिले का धान खरीदगी की रिपोर्ट में एक लाख 85 हजार एमटी धान खरीदगी दिखायी. सरकार को शक हुआ कि एक दिन में इतना धान कैसे खरीद की गयी. जब इसकी जांच करायी गयी तो भेजी गयी रिपोर्ट बिल्कुल गलत साबित हुई.

इसके बाद फिर दूसरी रिपोर्ट बनी, उसमें एक लाख 34 हजार एमटी धान खरीद बतायी गयी. यही रिपोर्ट जिला पदाधिकारी के माध्यम से सरकार को भेजी गयी. रिपोर्ट में कई स्थानों पर कटिंग की गयी है. रिपोर्ट में एक और खामी है कि जिस गोदाम की क्षमता 200 एमटी की है, उसको पांच सौ एमटी की क्षमता दिखायी गयी है और जहां गोदाम है ही नहीं, वहां गोदाम होने का रिपोर्ट है. इससे पूरी तरह भ्रष्टाचार की बू नजर आती है.

सांसद सुशील कुमार सिंह ने पैक्सों व किसानों को पैसा नहीं मिलने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि यदि सरकार धान का बकाया पैसा नहीं देती है, तो किसानों व पैक्स अध्यक्षों के साथ जनतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए तैयार हैं. किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे. इसके लिए चाहे मुङो जो भी कुरबानी देनी होगी, पीछे नहीं हटेंगे. किसानों को न्याय व उनका हक मिलना चाहिए. इसके लिए संघर्ष करने के लिए तैयार हूं.
नहीं हुई बेटियों की शादी
सांसद सुशील कुमार सिंह ने यह भी खुलासा किया है कि धान का पैसा नहीं मिलने से कई किसानों की बेटियों की शादी इस वर्ष नहीं हो पायी. कई किसानों के बच्चों का स्कूल में नाम नहीं लिखा सका और अब खेती करने का समय आया है, तो न तो धान का बीज किसान खरीद पा रहे हैं और न उनके पास खाद खरीदने के लिए पैसे हैं. इस तरह की अनेकों समस्या से यहां के किसान जूझ रहे हैं. सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है.
इस संबंध में जिला सहकारिता पदाधिकारी इंदिवर पाठक ने बताया कि 51 हजार एमटी धान मिल पर खरीदी गयी थी, जिसके कारण गलत रिपोर्ट बनी थी. जब इनसे पूछा गया कि सांसद का कहना है कि आप पैक्स अध्यक्षों से पैसा लेकर गलत रिपोर्ट बनाये और भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं, तो उनका कहना था कि यह आरोप पूरी तरह गलत है. धान खरीदी का लक्ष्य दिया जाता है और उसी के अनुसार धान की खरीद की गयी है.
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