गुरु शिव जीवन जीने की सिखाते हैं कला (फोटो नंबर-31,32) परिचय-शिव परिचर्चा करते लोग, शिव चर्चा में शामिल श्रद्धालु
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Dec 2014 9:02 PM
नवीनगर (औरंगाबाद)स्थानीय अनुग्रह नारायण स्टेडियम नवीनगर में शिव गुरु परिचर्चा महोत्सव आयोजित की गयी. महोत्सव में हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए. वक्ता के रूप में झारखंड चतरा के अखिलेश प्रसाद ने कहा कि हरिंद्रा नंद जी के संकल्प को लेकर हम सभी आगे चल रहे हैं. हम चाहते कि सभी के गुरु […]
नवीनगर (औरंगाबाद)स्थानीय अनुग्रह नारायण स्टेडियम नवीनगर में शिव गुरु परिचर्चा महोत्सव आयोजित की गयी. महोत्सव में हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए. वक्ता के रूप में झारखंड चतरा के अखिलेश प्रसाद ने कहा कि हरिंद्रा नंद जी के संकल्प को लेकर हम सभी आगे चल रहे हैं. हम चाहते कि सभी के गुरु शिव हों. ताकि समाज में अलग-अलग रूपों में दिख रहे लोग एक हो जाएं. शिव-शिष्य परिवार सदस्य शिवपूजन सिंह ने विभिन्न नामों से सुशोभित जगत गुरु शिव को ही अपना गुरु बनाने पर बल दिया तथा तीन सूत्र दया मांगना,चर्चा करना व नम: शिवाय: से प्रमाण निवेदित करना बताया. उन्होंने कहा कि मानव जीवन को सफल बनाने के लिए एक गुरु की आवश्यकता होती हैं तो क्यों न हम सब घर-घर के बाबा शिव को ही अपना गुरु बनाये और बिना खर्च किये जीवन को धन्य करें. वहीं भभुआ से आये शिकारी जी पूर्व प्रमुख चंद्रावती देवी, अरवल से आयी शांति देवी समेत कई वक्ताओं ने शिव गुरु पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रकाश डाला. कहा कि शिव आदि गुरु जगत गुरु गुरुओं के गुरु है. संसार का कोई भी व्यक्ति शिव को अपना गुरु बना सकता है. इसके लिए किसी प्रकार का कोई बंधन या शर्त नहीं है. शिव को गुरु बना कर व्यक्ति के लौकिक,पारलौकिक स्वार्थ स्वत: पूर्ण हो जाते है. गुरु शिव जीवन जीने की कला सिखाते हैं. शिव चर्चा के दौरान भजन कीर्तन पर सभी शिव शिष्य झूमते रहे. कार्यक्रम की देखरेख सत्येंद्र सिंह व अध्यक्षता संतोष सोनी ने की. इस मौके पर नागेश सिंह, दिलीप सिंह, हरेश सिंह, पिंटू सोनी,रामजी सोनी समेत कई लोग शामिल थे.
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