शहर में फिर धड़ल्ले से होने लगा पॉलीथिन का इस्तेमाल

By Prabhat Khabar Digital Desk
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औरंगाबाद : पॉलीथिन व कैरी बैग के इस्तेमाल पर प्रतिबंध के बाद भी जिले में पॉलीथिन का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है. कार्रवाई का डर न तो बड़े प्रतिष्ठानों को है और न ही फुटपाथी दुकानदारों को. सब्जी दुकानदार से लेकर दवा दुकान तक, होटल से लेकर मॉर्ट तक खुलेआम ग्राहकों को पॉलीथिन के सहारे सामान दिया जा रहा है. आश्चर्य की बात तो यह है कि अब नगर पर्षद भी कार्रवाई से दूर भाग रही है. हालांकि, बीच-बीच में खानापूर्ति के लिए अभियान चलाया गया, लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है.
खुलेआम हाथ में पॉलीथिन व कैरी बैग लेकर लोग सामान खरीदने के लिए बाजार निकल रहे हैं और फिर वापस घर भी लौट रहे हैं. जब तक आम लोग जागरूक नहीं होंगे, तब तक पॉलीथिन के इस्तेमाल पर विराम नहीं लग सकता है. ताज्जुब की बात तो यह है कि जो पॉलीथिन के उपयोग पर सवालिया निशान खड़ा करते है, उनके प्रतिष्ठान में भी धड़ल्ले से पॉलीथिन का उपयोग हो रहा है.
दुकानदार बंद करेंगे, तो खुद करेंगे अमल
मंगलवार की सुबह पुरानी सब्जी बाजार में सब्जी खरीदने पहुंचे न्यू एरिया की मालती देवी, प्रकाश कुमार, टिकरी मुहल्ला के मनोज कुमार, शाहपुर के अरविंद सिंह, अनिता देवी ने स्पष्ट कहा कि जब दुकानदार पॉलीथिन बंद कर देंगे तो वे भी कपड़े के थैले का इस्तेमाल करना शुरू कर देंगे.
गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस पर झंडोत्तोलन के दौरान प्रधानमंत्री ने दो अक्तूबर से पूरे देश में पॉलीथिन को ना कहने और इसके उपयोग को पूरी तरह बंद करने का आह्वान किया है. अब देखना यह है कि गांधी जयंती के बाद पॉलीथिन के उपयोग पर किस तरह प्रतिबंध लग सकता है.
प्रभात अपील
प्रभात खबर पहले भी औरंगाबाद जिले में 'पॉलीथिन को भी कहे ना' अभियान चलाया था. जिसका असर भी देखने को मिला था, पर जब शासन व प्रशासन ही कार्रवाई से अपनी हाथ खींच रहा है, तो सवाल उठना लाजिमी है. फिर भी हमारा अपील है कि लोग स्वयं पहले पॉलीथिन को ना कहें फिर दूसरे को प्रेरित करें. पर्यावरण के लिए पहल जरूरी है.
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