टीचर को स्कूलों में ससमय वर्ग चलाने पर देना चाहिए विशेष जोर
Updated at : 04 Apr 2018 6:02 AM (IST)
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राष्ट्रीय इंटर विद्यालय में हुआ कार्यक्रम का आयोजन दाउदनगर : अनुमंडल मुख्यालय के राष्ट्रीय इंटर विद्यालय दाउदनगर में नये सत्र के आरंभ होने के अवसर पर सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई की उचित व्यवस्था के लिए पहल करते हुए वर्तमान समय में माध्यमिक शिक्षा की चुनौतियां विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन वरीय शिक्षक राजू नंदन […]
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राष्ट्रीय इंटर विद्यालय में हुआ कार्यक्रम का आयोजन
दाउदनगर : अनुमंडल मुख्यालय के राष्ट्रीय इंटर विद्यालय दाउदनगर में नये सत्र के आरंभ होने के अवसर पर सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई की उचित व्यवस्था के लिए पहल करते हुए वर्तमान समय में माध्यमिक शिक्षा की चुनौतियां विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन वरीय शिक्षक राजू नंदन कुमार सिंह की अध्यक्षता में की गई.अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सरकारी नीतियां अस्पष्ट अव्यवहारिक एवं तुष्टिकरण से भरपूर होने के कारण माध्यमिक शिक्षा संकटग्रस्त हो गई है.
विचार गोष्ठी के संचालनकर्ता शिक्षक अंबुज कुमार ने विषय प्रवेश कराते हुए स्पष्ट किया छात्रों की कम उपस्थिति, विषय वार शिक्षकों की कमी, शिक्षकों को कागजी रिपोर्ट में व्यस्तता, लिपिक की कमी के कारण शिक्षा में सुधार नहीं हो पा रहा है.हम सारे शिक्षकों को समय पर वर्ग संचालन पर ध्यान देना चाहिए. शिक्षकों के प्रतिनियोजन पर सवाल उठाते हुए संजीत कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार गरीबों और वंचितों के बच्चों को शिक्षा से वंचित रखने के लिए प्रलोभन की योजना चलाती है.उन्होंने कहा कि यहाँ के दो गणित टीचर प्रशिक्षण कार्य मे बाहर ही रहते हैं.उदय कुमार ने शिक्षक, अभिभावक और सरकार को दोषी बताते हुए कहा कि नियमित वर्ग संचालन से बच्चों की संख्या बढ़ सकती है. हबीब अंसारी ने शिक्षक और अभिभावकों में समन्वय की कमी को रेखांकित किया.
राजीव कुमार ने कहा कि वर्ग में बच्चों की फर्जी हाजिरी पर रोक लगनी चाहिए, ताकि न योजना का लाभ मिले और न अगली कक्षा में उन्नति मिले. तरन्नुम परवीन नियमित व समय पर वर्ग संचालन की बात कही. अंजुम साकिन का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में गरीब बच्चे पढ़ते हैं और उनके अभिभावकों के पास उनके लिए समय नहीं होता है, ध्यान नहीं देते हैं.जितेंद्र कुमार ,रवि रंजन ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में योग्य शिक्षक हैं,लेकिन स्वतंत्रतापूर्वक उन्हें पढ़ाने नहीं दिया जा रहा है.
क्लास चलाने में आनेवाली बाधाओं काे किया रेखांकित : विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सेवानिवृत्त प्रभारी प्राचार्य दीनानाथ शर्मा ने प्राचार्य के रूप में आने वाली कठिनाइयों, सरकारी कागजों की खानापूर्ति, वर्ग संचालन में आने वाली बाधाओं को रेखांकित किया. वक्ताओं ने विद्यालय की पूर्व गरिमा को उपस्थापित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की. नियमित वर्ग संचालन, नियमित उपस्थिति, बच्चों की संख्या में वृद्धि के लिए अभिभावकों से संपर्क करने के लिए भी विचार व्यक्त किया. वर्ग नवम में नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों की अष्टम वर्ग तक की वांछनीय दक्षता नहीं होती.इससे भी उन्हें पढ़ाने में कठिनाई आती है और बाद में ऐसे बच्चे फेल कर जाते हैं.इसलिए प्राथमिक शिक्षा पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए.
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