विधवा के साथ 22 गरीबों को भी मिला हक, विवादित जमीन का मसला सुलझा

Updated at : 23 Nov 2017 8:16 AM (IST)
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विधवा के साथ 22 गरीबों को भी मिला हक, विवादित जमीन का मसला सुलझा

चार एकड़ 67 डिसमिल जमीन पर शारदा कुंवर को मिला कब्जा औरंगाबाद विधायक आनंद शंकर सिंह से था विवाद औरंगाबाद कार्यालय : पिछले कई वर्षों से अपनी ही जमीन को पाने के लिए न्याय की गुहार लगाती फिर रही रोहतास कुम्हऊं की विधवा महिला शारदा कुंवर को आखिरकार जिला प्रशासन ने न्याय दिला ही दिया. […]

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चार एकड़ 67 डिसमिल जमीन पर शारदा कुंवर को मिला कब्जा
औरंगाबाद विधायक आनंद शंकर सिंह से था विवाद
औरंगाबाद कार्यालय : पिछले कई वर्षों से अपनी ही जमीन को पाने के लिए न्याय की गुहार लगाती फिर रही रोहतास कुम्हऊं की विधवा महिला शारदा कुंवर को आखिरकार जिला प्रशासन ने न्याय दिला ही दिया. इसके साथ ही 22 गरीबों को भी उनका हक लगभग वापस मिल गया है. सबसे बड़ी बात यह है कि औरंगाबाद विधायक आनंद शंकर सिंह की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. आठ एकड़ 99 डिसमिल भूमि की जमाबंदी रद्द होने के कगार पर पहुंच गयी है. जिला प्रशासन द्वारा भूमि सीमांकन की निर्धारित तिथि के अनुसार बुधवार की सुबह भूमि उप समाहर्ता अजय कुमार और एसडीओ सुरेंद्र प्रसाद विवादित स्थल पर पहुंचे और कई घंटों की मापी के बाद विवादित जमीन से चार एकड़ 67 डिसमिल जमीन पर शारदा कुंवर को कब्जा दिलाया.
सीमांकन को लेकर कड़े सुरक्षा के बंदोबस्त किये गये थे. विधायक के तरफ से न तो कोई निजी अमीन पहुंचा और न कोई परिजन. बता दें कि शारदा कुंवर को उनके पिता व रायपुरा निवासी महावीर सिंह ने 1974 में 4 एकड़ 67 डिसमिल भूमि नाम की थी. इस जमीन को विधायक आनंद शंकर व उनके पिता यमुना सिंह ने अपनी जमीन बतायी थी. मामला भूमि उप समाहर्ता के न्यायालय में पहुंचा था. कार्रवाई में देरी होते देख शारदा कुंवर 15 दिन पूर्व डीएम कंवल तनुज से मिलकर न्याय की गुहार लगायी. महिला ने डीएम से कहा था कि वह अपने ही जमीन के लिए दर-दर की ठोंकरे खा रही है.
विधायक व विधायक के पिता पर आरोप लगाते हुए महिला ने कहा था कि उनके साथ मारपीट भी की थी और लगातार धमकी भी दे रहे थे. डीएम के स्पष्ट निर्देश के बाद मामले की कार्रवाई शुरू हुई और फिर 16 दिनों के भीतर महिला को न्याय मिला.
क्या कहते है एसडीओ : सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद ने कहा कि 4 एकड़ 67 डिसमिल जमीन का सीमांकन कराकर शारदा कुंवर को कब्जा दिला दिया गया. 88 डिसमिल जमीन चिन्हित किया गया है जो 22 महादलितों के बीच परचा के आधार पर दिया जायेगा. दो महादलितों के पास परचा पाये जाने की स्थिति में लगान की रसीद दी गयी है. जिन महादलितों का परचा नहीं मिला है उन्हें जमाबंदी के आधार पर लगान की रसीद दी जायेगी.
एसडीओ ने यह भी कहा कि शारदा कुंवर व महादलितो की जमीन को जिस तरह से विवाद के घेरे में डाला गया है उसकी जांच होगी और जिन कर्मियों ने अपनी भूमिका निभायी है उन पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई होगी.
अपनी जमीन को पाने के लिए पहुंचे थे महादलित : वर्षों पहले विवादित जमीन से ही महादलित परिवारों को तीन एकड़ 22 डिसमिल जमीन का परचा दिया गया था. पर वे अपनी भूमि को पा नहीं सके. बुधवार को रविकर गांव के बेसलाल राम,महेंद्र राम, महेश्वर राम, धनंजय राम, रामप्रवेश राम, श्यादेव राम, राजाराम,ओंकानाथ राम,गोविंद राम,लखन राम, रामजी राम आदि कई महादलित पहुंचे और कई वर्ष बाद अपने जमीन का फिर से मुंह देखा. एसडीओ ने बताया कि जल्द ही महादलितों को उनके भूमि का परचा दिया जायेगा.
क्या कहते हैं विधायक : औरंगाबाद के कांग्रेस विधायक आनंद शंकर ने प्रशासन की सीमांकन को एकतरफा व एकपक्षीय करार दिया है. विधायक ने कहा कि सीमांकन के दौरान अपनी अनुपलब्धता बताते हुए सूचना दी थी, बावजूद अगर सीमांकन कराया गया तो वह गलत है.
प्रशासन को हक नहीं है कि एकतरफा कार्रवाई करे. मामला अभी न्यायालय में है. सीमांकन कराये है तो कोई बात नहीं,लेकिन कब्जा वे नहीं दिला सकते. उन्हें लिखित देना होगा. हमारे पास तीन बार अधिकार है कि हम अपनी बात के लिए लड़ाई लड़ सकते है.
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