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अरवल : बेमौसम बारिश से रबी फसल के साथ फलदार फसल पर संकट, बारिश के साथ ओले पड़ने से किसानों के चेहरे मुरझाये

Updated at : 28 Feb 2019 8:10 AM (IST)
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अरवल :   बेमौसम बारिश से रबी फसल के साथ फलदार फसल पर संकट, बारिश के साथ ओले पड़ने से किसानों के चेहरे मुरझाये

अरवल : सूखा में धान का फसल में जहां किसान किसी तरह अपना फसल उपजाये थे. वहीं रबी के फसल इस बार बहुत उन्नत था. खासकर किसानों ने अपने खेतों में दलहन की फसल मसूर और मटर लगाये थे, लेकिन मंगलवार की रात और बुधवार की सुबह हुई ओला के साथ बारिश ने किसानों के […]

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अरवल : सूखा में धान का फसल में जहां किसान किसी तरह अपना फसल उपजाये थे. वहीं रबी के फसल इस बार बहुत उन्नत था. खासकर किसानों ने अपने खेतों में दलहन की फसल मसूर और मटर लगाये थे, लेकिन मंगलवार की रात और बुधवार की सुबह हुई ओला के साथ बारिश ने किसानों के खिले चेहरे पर निराशा की झलक ला दिया.
किसान वैसे भी उम्मीद पर ही खेती करते हैं, लेकिन उनके उम्मीदों पर पानी फिर गया. बेमौसम बारिश और ओले पड़ने से रबी सीजन की फसलों पर संकट के बादल छा गये. किसानों ने बताया कि बारिश रबी फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है. इससे खासतौर से गेहूं, सरसों और आम की फसल पर असर पड़ सकता है. इससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. जिला में सर्वाधिक 2184 हेक्टेयर में गेंहू का आच्छादन किया गया है. 529 हेक्टेयर में मसूर का आच्छादन किया गया है.
235 हेक्टेयर में चना और 68 हेक्टेयर में मटर का अच्छादन किया गया है, जिन्हें ओला से नुकसान होने का ज्यादा खतरा है. जिले के हर इलाके में बारिश हुई. वहीं ओला वृष्टि भी हुई. किसानों के फसल पानी से कम ओलावृष्टि से ज्यादा नुकसान पहुंचने की उम्मीद है. किसान रवींद्र सिंह ने कहा कि इस बारिश से किसी को फायदा नहीं है. खासकर मसूर और मटर के फसल को नुकसान करेगा.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
चार प्रखंडों में 16 एमएम बारिश हुआ है. हल्का ओला भी गिरा है, जिससे फसल का उतना नुकसान नहीं होने की उम्मीद है. वहीं मसूर , मटर, चना के फसल को यह पानी नुकसान करेगा. गेहूं के फसल को यह बारिश फायदा करेगा
विकास कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, अरवल
बोले कृषि वैज्ञानिक
मसूर के फसल को इस बारिश से ज्यादा नुकसान होगी. सरसों जो फूल देने पर अभी है, उसे नुकसान होगा. बारिश का नुकसान का जायजा लिया जा रहा है. फाल्गुन महीने की बारिश से फायदा किसी भी फसल को नहीं होता है.
डॉ सुरेंद्र चौरसिया, कृषि वैज्ञानिक
तेज आंधी-बारिश ने गिराये कई पेड़
कुर्था अरवल : प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार की रात अचानक आयी तेज आंधी व बारिश ने प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों पेड़ के अलावे कई पुराने मकान व बिजली के खंभे को गिरा दी.
सुबह होते ही प्रखंड के विभिन्न गांव में लोगों ने गांव के इर्द-गिर्द घने वृक्षों को टूटा पाया. कुर्था प्रखंड मुख्यालय में बने पीपल वृक्ष के अलावा प्रखंड मुख्यालय के मुख्य द्वार पर लगे एक बड़े वृक्ष भी गिर गयी. कुर्था गया मुख्य मार्ग पर मखदुमपुर गांव के समीप एक पेड़ आंधी बारिश की वजह से टूट कर सड़क पर गिर गयी थी. इस वजह से वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना कर वाहन को पार करना पड़ रहा था.
हालांकि मौसम विभाग द्वारा पूर्व में आगाह किया गया था कि 25 से 27 फरवरी तक ओलावृष्टि के अलावा भयंकर आंधी तूफान आने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 27 फरवरी को अहले सुबह आयी तेज आंधी बारिश ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर मुहर लगा दी. तेज आंधी बारिश से प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों गांव में काफी नुकसान हुई है.
वहीं आंधी बारिश के वजह से बिजली के खंभे व तार टूट जाने की वजह से बुधवार के दिन भर बिजली बाधित रही. वहीं शहरतेलपा ओपी क्षेत्र के आनंदपुर निवासी पप्पू कुमार की मिट्टी फूस से बने मकान पर इमली का पेड़ गिरने से घर क्षतिग्रस्त हो गया. घर के सदस्य बाल-बाल बच गये. इसी ओपी क्षेत्र के बेलखरा निवासी कृष्णा राम के करकट से बने मकान तेज आंधी में उड़ गये.
बिजली आपूर्ति रही बाधित : बुधवार की अहले सुबह आयी तेज हवा के साथ आंधी, पानी से सोनभद्र वंशी सूर्यपुर समेत प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों गांवों के बिजली गुल रही. जानकारी के अनुसार आंधी-पानी से भगवतीपुर और अनुआ गांव के बीच बधार में 11 हजार के बिजली के तार टूटकर गिरने के बाद बिजली गुल हो गयी. ग्रामीणों ने बताया कि तार टूटकर गिरने के बाद बिजली कट गयी. संवाद प्रेषण तक बिजली नहीं आयी थी. ग्रामीणों ने बिजली कंपनी के आला अधिकारियों को इसकी सूचना दूरभाष पर दी है.
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का संकट होगा दूर
120 सार्वजनिक स्थलों पर शीघ्र लगेगा चापाकल
संवाददाता4जहानाबाद सदर
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट का समाधान निकालने के लिए पीएचइडी ने कमर कस ली है. शीघ्र ही 120 सार्वजनिक स्थलों पर चापाकल लगाया जायेगा. इसके लिए विभाग द्वारा निविदा की प्रक्रिया पूरी कर दी गयी है और शीघ्र ही चापाकल लगाने का काम शुरू हो जायेगा. पीएचइडी विभाग द्वारा चापाकल लगाने का काम जिले के छह प्रखंडों में किया जा रहा है.
जिले के मखदुमपुर प्रखंड के पुनहदा, कुमरडीह, पश्चिमी सरेन, कोहरा, भैख, रतनी-फरीदपुर प्रखंड के रतनी, सेसंबा, नोआवां, उचिटा, मोदनगंज प्रखंड के गंधार, ओकरी, बंधुगंज, काको प्रखंड के नोनही, डेढ़सैया, दमुंहा, बारा, जहानाबाद प्रखंड के मांदिल, पंडुई, मुठेर, सिकरिया तथा घोसी प्रखंड के साहोपुर एवं परावन पंचायत में चापाकल लगाने का काम शुरू की जानी है. इन जगहों पर पेयजल संकट गहरा गया था और पीने के पानी के लिए भी लोग परेशान थे.
सार्वजनिक स्थलों पर लगेगा चापाकल
पीएचइडी विभाग द्वारा इन प्रखंडों में सार्वजनिक स्थलों पर चापाकल लगाने का काम किया जाना है, ताकि लोगों को पेयजल संकट से निजात मिल सके. डीएम के निर्देश के बाद पीएचइडी के सहायक अभियंता और कनीय अभियंता द्वारा सर्वे कर स्थल का चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है और निविदा भी निकाल दी गयी है. दो-चार दिनों के अंदर ही चयनित सार्वजनिक स्थलों पर चापाकल लगाने का काम शुरू हो जायेगा.
बोले पदाधिकारी
जिले में पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए पीएचइडी विभाग तत्पर है. विभाग द्वारा जिले में सार्वजनिक स्थलों पर चापाकल लगाया जायेगा. प्रथम चरण में 120 सार्वजनिक स्थलों पर चापाकल लगाया जायेगा, जिसकी निविदा की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गयी है. संवेदक को चयन कर वर्क ऑर्डर भी दे दिया गया है.
– चंद्रभूषण, कार्यपालक अभियंता, पीएचइडी, जहानाबाद
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