Bank Loan Fraud: परवाहा (अररिया). रानीगंज प्रखंड क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा की हांसा शाखा से फर्जी आयकर रिटर्न (आईटीआर) और अन्य कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये का ऋण लेने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. बैंक की ओर से रानीगंज थाना में आवेदन देकर 46 ऋणधारकों के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग का मामला दर्ज कराया गया है.
आंतरिक जांच में खुली फर्जीवाड़े की परत
बैंक द्वारा थाना को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि संबंधित सभी लोग बैंक के ऋणधारक हैं. बैंक की आंतरिक जांच और दस्तावेजों के सत्यापन (ड्यू डिलिजेंस) के दौरान यह पाया गया कि ऋण स्वीकृति के समय जमा किए गए आयकर रिटर्न (आईटीआर) का विवरण आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता है.
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिया गया ऋण
प्रारंभिक जांच में बैंक ने आशंका जताई है कि ऋण प्राप्त करने के उद्देश्य से फर्जी एवं कूटरचित आयकर रिटर्न और अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार कर बैंक में जमा किए गए थे. बैंक का कहना है कि इस प्रकार ऋण प्राप्त करना बैंक के साथ गंभीर धोखाधड़ी और आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है.
46 लोगों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
बैंक ने अपने आवेदन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. इसके आधार पर रानीगंज थाना में 46 ऋणधारकों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस बैंक की भूमिका की भी करेगी जांच
Bank Loan Fraud: रानीगंज थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि बैंक के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान बैंक की भूमिका सहित अन्य संबंधित बिंदुओं की भी बारीकी से पड़ताल की जायेगी.
