जदयू में कोई बगावत नहीं, मुख्यमंत्री जीतन मांझी ने किया दावा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सोमवार को जदयू में किसी तरह की बगावत से इनकार किया और दावा किया कि मंगलवार को होनेवाली जदयू विधायक दल की बैठक में सभी पार्टी विधायक शामिल होंगे. हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ लोग नाराज हैं, जिन्हें मना लिया जायेगा.

पार्टी अध्यक्ष शरद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसमें लगे हुए हैं और वैसे विधायकों से मिल रहे हैं. अगर कोई असंतुष्ट है, तो ऐसा थोड़े ही है कि वह पार्टी छोड़ देगा. जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मांझी ने कहा, पार्टी में बगावत की खबर मीडिया की देन है. पार्टी में न तो बगावत है और न ही सरकार पर कोई संकट है.

राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा हॉर्स ट्रेडिंग करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी किसी प्रकार जानकारी मेरे संज्ञान में लायी जायेगी, तो कार्रवाई की जायेगी. अगर भाजपा की ओर से सरकार को अस्थिर करने की साजिश होती है, तो भाजपा के दलित प्रेम की असलियत उजागर हो जायेगी.

जदयू की दो विधायकों रेणु कुशवाहा व अन्नु शुक्ला की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश पर उन्होंने कहा कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है. इस पर विधानसभा अध्यक्ष फैसला लेंगे और जो कहना है, वह ही कहेंगे. मुख्यमंत्री ने छह महीने में उनकी सरकार गिर जाने के केंद्रीय मंत्री और लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान के दावे को खारिज किया और कहा कि मेरी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी.

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद से पूर्व सीएम नीतीश कुमार द्वारा समर्थन मांगने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में जंगल राज की परिकल्पना करना सही नहीं है. लोकसभा चुनाव में भी हम गैर भाजपा, उसकी नीतियों और गैर कांग्रेसी के पक्ष में लड़े थे. इस बार भी सेकुलर ताकतों को एक साथ आने की पूर्व मुख्यमंत्री ने अपील की है. 2005 में उसी कुशासन व जंगल राज को खत्म कर बिहार में सरकार बनी और उसके बाद से विकास की पटरी पर दौड़ रही है. ऐसे में राजद से गंठबंधन होगा, इस पर बात करना अभी उचित नहीं है.

* केंद्रीय टीम आयी, जांच कर चली गयी : मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसेफ्लाइटिस को लेकर केंद्र सरकार जितना सहयोग मिलना चाहिए, उतना नहीं मिल रहा है. केंद्रीय टीम आयी थी और जांच करके चली भी गयी, पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है. मुजफ्फरपुर के बाद अब गया में इस तरह के मामले पाये गये हैं. इसके लिए केंद्र से दोबारा गुहार लगायी गयी है.

* हाइकोर्ट गयीं रेणु कुशवाहा

विधानसभा की सदस्यता समाप्त करने की पार्टी की सिफारिश के खिलाफ जदयू से निलंबित विधायक रेणु कुशवाहा ने सोमवार को पटना हाइकोर्ट में याचिका दायर की. न्यायाधीश ज्योति शरण के कोर्ट में इसकी मंगलवार को सुनवाई होगी. उसी दिन स्पीकर ने भी अपना पक्ष रखने के लिए रेणु को बुलाया है.

* ह्वीप के उल्लंघन पर जायेगी सदस्यता : नरेंद्र

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह ने कहा कि अगर पार्टी विधायक ह्वीप का उल्लंघन करते हैं, तो उनकी सदस्यता तक रद्द हो सकती है. यह विधिसम्मत है. जदयू की दो विधायकों की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश पर कृषि मंत्री ने कहा कि उन्होंने पार्टी विरोधी काम किया था. नरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा हॉर्स ट्रेडिंग कर बेशर्मी की हद पार कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानना चाहिए कि भाजपा की बिहार इकाई क्या काम कर रही है. भाजपा ऐसी राजनीति करने से बचे. नरेंद्र मोदी इसमें सहयोग न करें और प्रदेश भाजपा पर कार्रवाई करें.

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