Vijay Malhotra Death: विजय कुमार मल्होत्रा ने 1999 के चुनाव में मनमोहन सिंह को दी थी मात, 5 बार रहे सांसद और 2 बार विधायक

Vijay Kumar Malhotra : बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सांसद विजय कुमार मल्होत्रा का मंगलवार 30 सितंबर को निधन हो गया. वे 93 वर्ष के थे . उनका एम्स में इलाज चल रहा था, जहां आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली. विजय कुमार मल्होत्रा बीजेपी के ऐसे नेता थे, जिन्होंने दिल्ली में पार्टी को मजबूत किया. पार्टी के लिए किए गए कार्यों में इसे सबसे प्रमुख कार्यों में गिना जाता है.

Vijay Kumar Malhotra : बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सांसद विजय कुमार मल्होत्रा का मंगलवार 30 सितंबर को निधन हो गया. वे 93 वर्ष के थे और काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनका एम्स में इलाज चल रहा था, जहां आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली. विजय कुमार मल्होत्रा बीजेपी के ऐसे नेता थे, जिन्होंने दिल्ली में पार्टी को मजबूत किया. पार्टी के लिए किए गए कार्यों में इसे सबसे प्रमुख कार्यों में गिना जाता है.

कौन हैं विजय कुमार मल्होत्रा?

बीजेपी के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा का जन्म अविभाजित भारत के लाहौर 3 दिसंबर 1931 में हुआ था. वे बीजेपी के साथ जनसंघ के जमाने से जुड़े थे और एक समर्पित कार्यकर्ता था. वे पार्टी में विभिन्न पदों पर रहे, लेकिन उनका व्यक्तित्व बहुत ही साधारण था. वे पांच बार सांसद रहे और दो बार विधायक भी चुने गए. उनकी उपलब्धियों में सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की होती है, वो यह है कि उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 1999 के लोकसभा चुनाव में बड़े अंतर से हराया था.2004 के लोकसभा चुनाव में वे पार्टी के एकमात्र सांसद थे, जिन्होंने दिल्ली में जीत दर्ज की थी.

दिल्ली में बीजेपी को किया मजबूत

प्रधानमंत्री मोदी के साथ विजय कुमार मल्होत्रा

विजय कुमार मल्होत्रा ने दिल्ली बीजेपी को मजबूत करने के लिए काफी प्रयास किया. दिल्ली की राजनीति में वे 40 साल तक सक्रिय रहे और लगातार पार्टी को मजबूत किया. वे दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे और जमीन से जुड़कर पार्टी को दिल्ली में मजबूत किया. हालांकि उम्र के साथ वे सक्रिय राजनीति से अलग होते गए थे, लेकिन जब वे सक्रिय थे, उस वक्त उन्होंने पार्टी को शिखर तक पहुंचाया था. वे दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे थे.

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और ओलंपिक संघ के अध्यक्ष भी रहे

विजय कुमार मल्होत्रा का परिवार देश विभाजन के समय दिल्ली आ गया था. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्याल से पढ़ाई की और यहां प्रोफेसर भी बने. उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए काफी प्रयास किया. वे ओलंपिक संघ के अध्यक्ष भी रहे थे और खेल को बढ़ावा देने का काम भी किया. उन्होंने पार्टी को विचारधारा और संगठन के स्तर पर बढ़ाया जिसकी वजह से पार्टी लगातार मजबूत हुई.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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