ओम और योगा
Updated at : 26 May 2016 6:43 AM (IST)
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योग करते समय ओम बोलने से शरीर को अधिक मात्रा में ऑक्सीजन मिलता है, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी ने यह बात कही है. योग करके जिन्होंने यह अनुभव लिया है, उनकी भी योग के प्रति यही राय रहेगी. ओम के बिना योग अपूर्ण है. विदेशों में योग का बड़ी मात्रा में प्रचार कई वर्षों […]
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योग करते समय ओम बोलने से शरीर को अधिक मात्रा में ऑक्सीजन मिलता है, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी ने यह बात कही है. योग करके जिन्होंने यह अनुभव लिया है, उनकी भी योग के प्रति यही राय रहेगी. ओम के बिना योग अपूर्ण है. विदेशों में योग का बड़ी मात्रा में प्रचार कई वर्षों से हो रहा है और जो योग का मुख्य केंद्र है, उसी भारत में योग करते समय बोले जानेवाले ओम को लेकर विवाद चलता रहता है. लेकिन इसे धर्म से जोड़ना निराधार है़
जिन्हें अपनी सेहत अच्छी रखनी है, वे ऐसे विवादों की तरफ ध्यान नहीं देते. जिस देश में सर्वधर्म समभाव माना जाता है, उसी देश में योग का प्रमुख अंग रहे ओम को धर्म के कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है. अगर हम हमेशा तू-तू, मैं-मैं करते रहेंगे तो झगड़े के सिवा हमें कुछ भी हासिल नहीं हो सकता. मतलबी सोच हमेशा पीछे ही खींचेगी. आगे बढ़ना है तो मतलबी सोच को पीछे छोड़ना ही होगा.
जयेश राणे, मुंबई
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