ranchi

  • Apr 2 2018 10:02AM
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स्टेट योगा सेंटर में अब आर्ट ऑफ लिविंग सिखायेगा सुदर्शन क्रिया

स्टेट योगा सेंटर में अब आर्ट ऑफ लिविंग सिखायेगा सुदर्शन क्रिया

रांची : झारखंड के जिन लोगों की योग और ध्यान में रुचि है, उनके लिए खुशखबरी है. ध्यान और योग की क्रिया सीखने के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं. यदि आप श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग में सुदर्शन क्रिया सीखना चाहते हैं, तो अब दूर जाने की जरूरत नहीं. झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के आयुष विभाग ने राजधानी रांची की पुरानी जेल के पास स्थित स्टेट योगा सेंटर में आर्ट ऑफ लिविंग का केंद्र खोलने जा रहा है. सोमवार (2 अप्रैल, 2018) को उसका उद्घाटन होने जा रहा है. इस अवसर पर राज्य के स्वाथ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, स्वास्थ्य सचिव निधि खरे के अलावा आयुष विभाग से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ-साथ आर्ट ऑफ लिविंग के लोग भी शामिल होंगे.

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झारखंड में योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के आयुष विभाग ने आर्ट ऑफ लिविंग के साथ एक एमओयू किया है. इसके अनुसार, स्टेट योगा सेंटर के ऊपर का पूरा फ्लोर आर्ट ऑफ लिविंग को मिल जायेगा. पुरानी जेल के पीछे कुछ वर्ष पहले एक शानदार योगा सेंटर बना था. यहां लोगों के योग सीखने से लेकर आयुर्वेदिक ओपीडी तक की व्यवस्था थी. हालांकि, यहां कभी योग शिक्षक या स्थायी आयुर्वेदिक डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई.

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तमाड़ में पदस्थापित डॉ एमके दीक्षित यहां प्रतिनियुक्ति पर हैं. उन्होंने कई योग शिक्षकों को योगा सेंटर से जोड़ा. यहां योग सीखने आने वाले लोगों की संख्या भी अच्छी-खासी थी. मानदेय की कोई व्यवस्था नहीं होने की वजह से एक-एक सभी योग शिक्षक सेंटर से अलग हो गये. हालांकि, डॉ रमेश अब भी सेंटर से जुड़े हैं और लोगों को योग सिखा रहे हैं. डॉ दीक्षित ने बताया कि जो लोग यहां योग सीखने आते हैं, आर्ट ऑफ लीविंग के आ जाने से उनको बहुत फायदा होगा.

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