Advertisement

kaimur

  • Sep 12 2019 7:30AM
Advertisement

ओडीएफ को ठेंगा, कई सड़कों पर फैल रही गंदगी

 भगवानपुर : भैंस के आगे बीन बजाओ और भैंस बैठे पगुराय यह मुहावरा स्थानीय प्रखंड क्षेत्र  के वैसे लोगों पर सटीक बैठती है, जिन्हें प्रशासन द्वारा गांव-गांव में  घूम-घूम कर महीनों तक चौपालों के माध्यम से स्वच्छता अभियान का पाठ पढ़ाने  के साथ साथ अपने संबंधित इलाकों को साफ-सुथरा रखने का शपथ तक दिलवाया गया. बावजूद इसके क्षेत्रवासियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग सका. इससे  आखिरकार आज भी सड़कों व खुले मैदानों का हाल गंदगी से आज भी बदहाल है. 

 
वैसे  तो स्थानीय प्रखंड क्षेत्र को प्रशासन ने लगभग दो वर्ष पहले ही शौच मुक्त  घोषित कर दिया था. मगर यह घोषणा कागज तक ही सीमित रह गया. इसका जीता-जागता  उदाहरण प्रखंड क्षेत्र के खेत-बधार, खुले मैदान, मुख्य सड़क सहित ग्रामीण  क्षेत्रों को जोड़ने वाली गंदगी से पटी हुई अनेक सड़कें हैं.
 
 जहां प्रशासन  द्वारा लाख कोशिशों के बावजूद हमेशा की तरह वर्तमान समय में भी महिला व  पुरुष सुबह-शाम और दिन-रात खुले में शौच जाया करते हैं. लोगों का कहना है  कि कहां गयी वे प्रशासन द्वारा गठित की गयी निगरानी टीमें और अब क्यूं नहीं  लिया जा रहा क्षेत्र में गंदगी फैलाने वाले इन लोगों के विरुद्ध कठोर  एक्शन.
 
   क्षेत्रीय समाजसेवी सिंगल सिंह, अंशु सिंह, भरत चंद्रवंशी,  टिंकू पांडेय, गोलू सिंह सहित कई अन्य ने बताया कि प्रशासन द्वारा किये गये  अथक प्रयास व कठोर परिश्रम से  निगरानी टीमों के भाग-दौड़ के वजह से कुछ  महीनों तक स्थिति में काफी सुधार आया था. मगर एक बार फिर निगरानी टीम अचानक  मानों थम सी गयी. जिसके बाद से अबतक लोगों ने क्षेत्र के कई हिस्सों को  गंदा कर रखा है. 
 
उपरोक्त लोगों ने बताया कि प्रशासन द्वारा स्वच्छता के  प्रति तरह-तरह की मुहीमे चला कर महीनों तक निरंतर जागरूकता अभियान चलाने के  बावजूद भगवानपुर का हाइस्कूल प्ले ग्राउंड, भगवानपुर-मसहीं के मध्य स्थित  पठारी क्षेत्र, नदी के घाटों, भगवानपुर अधौरा पथ सहित ग्रामीण क्षेत्रों को  जोड़ने वाले कई सड़कों पर महिलाओं व पुरुषों द्वारा सुबह-शाम खूले में शौच  करके गंदगी फैलायी जा रही है. 
 
इससे संबंधित सड़कों से गुजरने या खेल  मैदानों में टहलकर सुबह का स्वच्छ हवा लेने तथा प्ले ग्राउंड्स में खेल-कूद  करने व दौड़-धूप कर व्यायाम करने में काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा  है. बुद्धिजीवियों का कहना है कि इन गंदे लोगों के विरुद्ध जनप्रतिनिधियों  के सहयोग से प्रशासन को एक बार फिर खड़ा हो कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी  कार्रवाई करनी होगी. तब जाकर तो कहीं इसपर अंकुश लगाया जा सकेगा.
 
क्या कहते हैं बीडीओ 
इस  संबंध में पूछने पर बीडीओ मयंक कुमार सिंह ने बताया कि बहुत जल्द ओडीएफ  प्लस अभियान को लेकर टीमों का गठन किया जाने वाला है. वह इस मुद्दे पर लगे  हुए हैं. शौचालय निर्माण के बावजूद भी यदि कोई व्यक्ति पुरुष हो या महिला  पकड़े जाते हैं, तो उनके विरुद्ध जुर्माना लगाने के साथ साथ कठोर कानूनी  कार्रवाई भी की जायेगी.
 
Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement