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gaya

  • Feb 5 2019 7:24AM

गया : प्रभारी सहायक अभियंता का प्रभार वापस लेते हुए निलंबित करने का प्रस्ताव पारित

 गया  : नगर निगम स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों ने गन्नी मार्केट में करोड़ों रुपये की दुकान की हेराफरी करने के आरोप में प्रभारी सहायक अभियंता शैलेंद्र कुमार सिन्हा को सभी प्रभार से मुक्त कर निलंबित करने का प्रस्ताव पारित किया है. बैठक में डिप्टी मेयर ने कहा कि गन्नी मार्केट की दुकान नंबर 10 को हाइकोर्ट ने अवैध कब्जाधारी से वापस लेने का निर्देश दिया था.

इसके बाद एसडीओ के यहां से पुलिस बल व मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गयी. प्रभारी सहायक अभियंता ने अवैध कब्जाधारी से एक आवेदन लेकर बिना नगर आयुक्त को जानकारी दिये ही एसडीओ को एक पत्र भेज दिया, जिससे यह साफ हो गया कि प्रभारी सहायक अभियंता ने अवैध कब्जाधारी को फायदा पहुंचाने के लिए काम किया है.

इतना ही नहीं पत्र को नगर आयुक्त कार्यालय के इशू रजिस्टर से निर्गत किया गया. डिप्टी मेयर ने कहा कि इससे पहले भी प्रभारी सहायक अभियंता के कई काम संदेहास्पद व निगम को अहित पहुंचानेवाला रहा है. सदस्यों ने प्रस्ताव पारित किया कि इनसे सहायक अभियंता के साथ अन्य प्रभार को वापस लेते हुए निलंबित किया जाये.

डिप्टी मेयर ने कहा कि इन्हीं अभियंता के कारण चिल्ड्रेन पार्क के शिलान्यास के पांच माह बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है, बॉटम नाले के लिए पैसा होने के बाद भी काम नहीं हो रहा है, इसके साथ ही इंडोर स्टेडियम व अशोक सम्राट भवन के निर्माण के बारे में अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. 

उन्होंने कहा कि अगर यहां के इंजीनियर व कर्मचारी दृढ़-संकल्प कर लें कि शहर को बेहतर कुछ दिनों में बना देना है, तो इसमें कोई संदेह नहीं कि शहर की तस्वीर बदल जायेगी. लेकिन, इसमें लापरवाही की कोई गुंंजाइश न रहे. डिप्टी मेयर ने कहा कि यहां काम करने की फाइल, जिसके टेबल पर पहुंचती है, वहीं अटक जाती है. इस सिस्टम को सुधरना जरूरी है.   

  • गन्नी मार्केट में करोड़ों रुपये की दुकान की हेराफेरी करने का मामला 
  • चिल्ड्रेन पार्क व बॉटम नाले का काम शुरू न होने पर बैठक में उठाये गये सवाल
  • अशोक सम्राट भवन सहित अन्य कई काम भी अब तक नहीं किये गये शुरू 
  • बैठक से गायब रहनेवालों से स्पष्टीकरण का प्रस्ताव हुआ पारित
  • सफाई व्यवस्था सुदृढ़ बनाने को लेकर लिये गये कई निर्णय
 
बड़े शहरों की तरह होगा ट्रैफिक सिस्टम 
शहर में ट्रैफिक सुधार के साथ-साथ सड़कों की स्थिति सुधार कर बेहतर प्रस्तुति के लिए कई तरह के निर्णय लिये गये. इसके तहत मुख्य सड़कों पर लाइटिंग सिस्टम, रोड सेफ्टी जोन, गोलंबरों की मरम्मती आदि शामिल है. डिप्टी मेयर ने कहा कि बड़े शहरों की तरह यहां के सड़कों पर व्यवस्था बनाने में आठ किलोमीटर पर करीब एक करोड़ रुपये का खर्च आयेगा. इसके पूरा होने पर विकसित शहर की तरह यहां की सुंदरता दिखने लगेगी. उन्होंने कहा कि धर्मनगरी होने के कारण यहां पर देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं. 
 
बैठक में ये रहे शामिल 
मेयर वीरेंद्र कुमार, डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव, नगर आयुक्त डॉ ईश्वर चंद्र शर्मा, उप नगर आयुक्त मोहम्मद शहाब यहया, अजय कुमार व दिनेश कुमार सिन्हा, सिटी मैनेजर विष्णु प्रभाकर, प्रभारी कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार सिंह, प्रभारी सहायक अभियंता शैलेंद्र कुमार सिन्हा, मनोज कुमार सिंह, विनोद प्रसाद, कनीय अभियंता दिनकर प्रसाद, सुबोध सिंह, अजय कुमार, कमेटी के सदस्य अबरार अहमद, चुन्नू खां, मनोज कुमार, विनोद यादव, स्वर्णलता वर्मा, संतोष कुमार सिंह आदि मौजूद थे.   
 
यहां तो गाड़ियों को रस्सी से किया जाता है स्टार्ट
बैठक में डिप्टी मेयर ने जब यह जानना चाहा कि गाड़ियों में जीपीएस की क्या स्थिति है, तो कर्मचारियों ने जवाब दिया कि यहां जीपीएस का क्या पूछना है. गाड़ियों को भी रस्सी के सहारे स्टार्ट किया जाता है. अब तक निगम के स्टोर में जीपीएस के लिए कंट्रोल रूम भी नहीं स्थापित किया जा सका. निगम कार्यालय में ही उसकी रिपोर्ट आती है. जब डिप्टी मेयर ने निगम के कंप्यूटर ऑपरेटर से पूछा कि कितनी गाड़ियों में जीपीएस लगे होने की रिपोर्ट आ रही है.
 
कर्मचारी ने बताया कि महीनों से एक भी गाड़ियों में जीपीएस चालू नहीं बता रहा है. इसके बाद डिप्टी मेयर ने संबंधित अधिकारी ने व्यवस्था जल्द सुधारने की बात कही. इस दौरान सिटी मैनेजर ने कहा कि निगम स्टोर में कंट्रोल रूम, वार्डों में तैनात सफाई मजदूर के हाजिरी बनाने के लिए शहर में 13 प्वाइंट पर बायोमीटरिक मशीन लगाने की जरूरत है.
 
इसके साथ ही सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए कई उपकरण की खरीद करनी होगी.  बैठक में तीन जेटिंग मशीन, तीन जेसीबी, तीन छोटा जेसीबी, 50 रिक्शा, 55 स्प्रे मशीन व 53 फॉगिंग मशीन खरीदने का प्रस्ताव पारित किया गया. 
 
प्रभारी कार्यपालक अभियंता पर भड़के पार्षद 
स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य अबरार अहमद शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर चर्चा के समय कहा कि उनके वार्ड में पानी नहीं पहुंच रहा है. इस पर जल व्यवस्था देख रहे प्रभारी कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार सिंह ने कहा कि पानी वे अपने मुट्ठी में नहीं बांध रखे हैं. कार्यपालक अभियंता के बेतूका जवाब पर पार्षद भड़कते हुए कहा कि बैठक में अगर इस प्रकार का जवाब अधिकारी देंगे, तो अन्य लोगों से काम करने की आशा ही नहीं की जा सकती है. किसी तरह अधिकारी व पार्षदों ने मामला को शांत कराया. 
 
टैक्स वसूलनेवाली कंपनी को कर्मचारी बढ़ाने का दिया गया निर्देश 
बैठक में शहर से विभिन्न प्रकार के निगम के लिए टैक्स वसूल रही कंपनी के प्रतिनिधि को भी जानकारी के लिए बुलाया गया. कंपनी प्रतिनिधि ने बताया कि तीन माह में करीब 80 लाख रुपये की वसूली की गयी है. इस पर नगर आयुक्त डॉ ईश्वर चंद्र शर्मा ने कहा कि कुछ कर्मचारी बढ़ा कर टैक्स वसूली के काम में तेजी लाएं, ताकि लक्ष्य को समय रहते पूरा किया जा सके.
 
इस पर कंपनी के प्रतिनिधि ने कहा कि उन्हें पूरी तौर से होल्डिंग का डाटा ही उपलब्ध नहीं कराया गया है. इसके साथ ही जो भी डिमांड दी गयी है, उसमें पूरी तौर से जानकारी ही नहीं उपलब्ध है.
 
इसके बाद डिप्टी मेयर ने कहा कि प्राइवेट कंपनी को टैक्स कलेक्शन की जिम्मेदारी सौंपने के बाद यहां के कर्मचारी सहयोग नहीं कर रहे हैं. इतना ही कई वार्ड के टैक्स कलेक्टर अब तक होल्डिंग डिमांड क्या, वसूले गये पैसे भी निगम में नहीं जमा कराये हैं. इनके ऊपर कार्रवाई की जाये. इसके बाद वहां मौजूद राजस्व पदाधिकारी को जवाब देते नहीं बना. सिर्फ इतना कहा कि टैक्स कलेक्टर को नोटिस दिया जा रहा है.   
 

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