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dhanbad

  • Jan 11 2019 7:37AM

नीरज सिंह हत्याकांड : संजीव की जमानत अर्जी पर हाइकोर्ट ने मांगी केस डायरी

धनबाद-रांची :  हाइकोर्ट के जस्टिस एचसी मिश्र की अदालत में गुरुवार को धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड मामले में आरोपी विधायक संजीव सिंह की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई हुई.
 
 अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. अदालत ने मामले की सुनवाई चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दी. प्रतिवादी की ओर से वरीय अधिवक्ता आरएस मजूमदार ने पैरवी की. 
 
उल्लेखनीय है कि प्रार्थी संजीव सिंह को पुलिस ने धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड मामले में आरोपी बनाया है. 21 मार्च 2017 को सरायढेला के पास नीरज सिंह सहित चार लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. 23 मार्च 2017 को नीरज के चचेरे भाई संजीव सिंह सहित चार के खिलाफ पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था.

पप्पू सिंह को सशरीर हाजिर होने का आदेश 
 कोयला कारोबारी संजय सिंह हत्याकांड में गुरुवार को जिला व सत्र न्यायाधीश अरबिंद कुमार पांडेय की अदालत में सुनवाई हुई. पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नाती रविशंकर सिंह उर्फ पप्पू सिंह, जो कि मामले में आरोपित हैं, अदालत में गैर हाजिर थे.
 
 उनकी ओर से उनके अधिवक्ता जया कुमार ने प्रतिनिधित्व आवेदन दायर कर अदालत को बताया कि पप्पू की तबीयत खराब है. फलस्वरूप हाजिर होने के लिए समय दिया जाये. अदालत ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उन्हें 23 जनवरी 19 को सशरीर हाजिर होने का आदेश दिया, ताकि उनके खिलाफ आरोप गठन किया जा सके. 
 
ज्ञात हो कि 27 मई 96 को पूर्वाह्न दस बजे कोयला कारोबारी संजय सिंह की हत्या एसपी आवास के सामने गोली मारकर कर दी गयी थी. हत्या की प्राथमिकी  बहनोई कृष्णा सिंह के फ़र्द बयान पर सुरेश सिंह व पप्पू सिंह के विरुद्ध दर्ज की गयी थी. 
 
प्राथमिकी के मुताबिक संजय सिंह, सुरेश सिंह व पप्पू सिंह के साथ गाड़ी संख्या बीआर 17 एच 0003 से घर से निकले थे. थोड़ी देर बाद संजय की पत्नी पुष्पा सिंह को मदन सिंह ने फोन कर बताया कि उनके पति को गोली मार दी गयी है. 
 
घटना की सूचना मिलने पर वे लोग सेंट्रल हॉस्पिटल  गये जहां डॉक्टरों ने संजय को मृत घोषित कर दिया था. 9 अगस्त 96 को केस के अनुसंधानकर्ता अशोक कुमार ने सुरेश सिंह व रविशंकर सिंह उर्फ पप्पू सिंह के खिलाफ मामला सत्य पाते हुए आरोप पत्र दायर किया था. 
 
इस मामले में अदालत ने 27 नवंबर 17 को पवन सिंह व काशीनाथ सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था, जबकि 22 मार्च 18 को अदालत ने रामधीर सिंह को रिहा कर दिया था. दो जुलाई 18 को झारखंड हाइकोर्ट, रांची ने निचली अदालत को फ्रेस ऑर्डर पास करने का आदेश दिया था.
 
मारपीट व रंगदारी में चार के खिलाफ आरोप गठन : सिंदरी निवासी अमित कुमार साहूकार के घर में रात दस बजे घुस कर मारपीट कर रंगदारी मांगे जाने के एक मामले में सुनवाई गुरुवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव रंजन की अदालत में हुई. 
 
अदालत में आरोपी लक्खी सिंह उर्फ गौरव वक्ष, मुन्ना कुमार उर्फ रूपेश कुमार, अाकाश दुबे व जितेंद्र सिंह (शहरपुरा) हाजिर थे. अदालत ने उन्हें  आरोप सुनाया. उन लोगों ने आरोप से इंकार किया. इस केस में अधिवक्ता अविनाश कुमार सिन्हा ने पैरवी की. अदालत ने साक्ष्य के लिए अगली तिथि निर्धारित कर दी. घटना 27 अक्तूबर 15 की है. 
 
कांग्रेस नेता बैभव सिन्हा को हाइकोर्ट से बेल
धनबाद : कांग्रेस नेता बैभव सिन्हा को हाइकोर्ट से जमानत मिल गयी है. सोमवार तक वह जेल से बाहर आ सकते हैं. बैभव सिन्हा 24 अगस्त से धनबाद जेल में आर्म्स एक्ट, मारपीट व जान से मारने की कोशिश के आरोप में बंद हैं. बताते चलें कि 23 अगस्त को बैभव के धैया स्थित रेस्टोरेंट में झरिया के आधा दर्जन युवकों के साथ मारपीट की गयी थी.

सुदामडीह गैंगरेप में फैसला आज
सुदामडीह इलाके में एक  नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुराचार के मामले में शुक्रवार को  पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र शर्मा की अदालत अपना फैसला  सुनायेगी. ज्ञात हो कि 15 अगस्त 17 को नाबालिग छात्रा जब पाथरडीह स्कूल से  प्रोग्राम देखकर शाम चार बजे अपने घर वापस लौट रही थी तभी शाहिद अंसारी  ने अपने दो दोस्तों के साथ मिल कर घटना को अंजाम दिया था.
 

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