पंजाब में दलित नौजवान की मारपीट के बाद मौत, पिलाया गया था पेशाब

By Prabhat Khabar Digital Desk
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<p>पंजाब के संगरूर में एक दलित युवक से हुई मारपीट के बाद उस युवक की पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई है. पिटाई के बाद युवक को पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती करवाया गया था.</p><p>शुक्रवार को मृतक जगमेल सिंह की टागें इन्फ़ैक्शन फैलने के कारण काटनी पड़ी थीं लेकिन इसके बावजूद उनकी ज़िंदगी नहीं बचाई जा सकी.</p><p>जगमेल सिंह संगरूर ज़िले के लहरा के नज़दीक गांव चंगालीवाला के रहने वाले थे. जगमेल सिंह मज़दूरी करते थे. मृतक के परिवार में उनकी पत्नी के इलावा दो बेटियां और एक बेटा है.</p><p>थाना लहरा में बीती 13 नवंबर को दर्ज की गई एफ़आईआर के अनुसार मृतक के बयानों पर गांव के चार लोगों के ख़िलाफ़ अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने चारों अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया है.</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-49832690?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">मध्यप्रदेश: खुले में शौच कर रहे दलित बच्चों की 'पीट-पीटकर हत्या' </a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-49728761?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">दलित युवक को ज़िंदा जलाया, सदमे में बीमार मां की मौत</a></li> </ul><h1>पीड़ित को पेशाब पिलाया गया था</h1><p>जगमेल सिंह के साथ मारपीट की ये घटना 7 नवंबर की है. एफ़आईआर के अनुसार, जब जगमेल सिंह घायल अवस्था में थे तब उन्होंने पुलिस को अस्पताल में बताया था कि चार लोगों ने उन्हें बुरी तरीक़े से मारा-पीटा था. उसके पैरों पर कई वार किए गए थे.</p><p>एफ़आईआर के अनुसार, &quot;मृतक का दोषियों के साथ पहले किसी बात पर झगड़ा हुआ था. घटना वाले दिन मृतक गांव में ही किसी के घर बैठा था जहां बहाने से आरोपी उसको ले गए और बंधक बना के मारपीट की.&quot;</p><p>&quot;मृतक के बयानों में लिखा गया है कि मारपीट के दौरान पानी मांगने पर उसको इंसानी पेशाब पिलाया गया था.&quot; </p><p>पहले मृतक को इलाज के लिए संगरूर के सरकारी अस्पताल लाया गया था जहां से उन्हें रजिंदर अस्पताल, पटियाला रैफ़र कर दिया गया था.</p><p>इसके बाद बीते कुछ दिनों से उनका इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा था जहां शनिवार सवेरे उनकी मौत हो गई.</p><p>संगरूर पुलिस के एसपी गुरमीत सिंह (पंजाब ब्यूरो ऑफ़ इनवेस्टिगेशन) ने बताया, &quot;बीती 13 नवंबर को चार आरोपियों के ख़िलाफ़ अगवा करने और मारपीट करने के लिए अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. पीड़ित की इलाज के दौरान मौत होने के बाद अपराध की साज़िश रचने और क़त्ल की धाराओं को जोड़ा गया है. चारों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.&quot; </p><h1>क्या हैं मौजूदा हालात?</h1><p>मृतक के रिश्तेदारों में इस घटना को लेकर रोष है. मृतक के भांजे गुरदीप सिंह ने मीडिया के साथ बात करते हुए कहा, &quot;परिवार के लिए ये एक असहनीय घटना है. हम सरकार से सख़्त कार्रवाई और परिवार की आर्थिक मदद करने की मांग करते हैं. जब तक हमारी मांगों पर ग़ौर नहीं किया जाता हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे.&quot; </p><p>पीड़ित की मौत हो जाने के बाद कई सामाजिक संगठन इस मामले में सामने आए हैं. मृतक के परिवार वालों और अलग-अलग संगठनों ने एसडीएम के दफ़्तर के सामने धरना दिया.</p><p>ज़मीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के नेता गुरमुख सिंह ने कहा, &quot;ये घटना दलितों पर ज़ुल्म का एक और दर्दनाक उदाहरण है. पुलिस चाहे सभी आरोपियों को गिरफ़्तार करने की बात कर रही है लेकिन हमारी मांग है कि पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवज़ा दिया जाए.&quot;</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-49470529?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">आख़िर पुल से क्यों उतारा गया दलित का शव?</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-49457323?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">रविदास मंदिर: दलित प्रदर्शन की ये तस्वीरें कितनी सच्ची हैं?</a></li> </ul><h1>प्रशासन ने क्या कहा?</h1><p>ज़मीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के नेता गुरमुख सिंह ने मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो संघर्ष तेज़ किया जाएगा.</p><p>संगरूर के डिप्टी कमिशनर घनश्याम थोरी ने मीडिया से बातचीत में कहा, &quot;क़ानूनी तौर पर ऐसे मामलों में 8.25 लाख रुपए मुआवज़ा ही मिल सकता है.&quot; </p><p>&quot;इसके इलावा पांच हज़ार रुपये की पेंशन की सहूलियत भी दी जा सकती है. सरकारी नौकरी की परिवार की मांग को पंजाब सरकार के पास भेज दिया जाएगा.&quot;</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>
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