मणिपुर हिंसाः कुकी जनजाति की सुरक्षा की मांग वाली याचिका खारिज, SC ने दिया हेट स्पीच से दूर रहने का निर्देश

Published by : Pritish Sahay Updated At : 11 Jul 2023 4:53 PM

विज्ञापन

Delhi Pollution | ANI, X

Manipur violence: मणिपुर हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नफरत भरे भाषण न देने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सभी पक्षों से संतुलन की भावना बनाए रखने और किसी से भी हेट स्पीच में हिस्सा न लेने की अपील की है.

विज्ञापन

Manipur violence: सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय सेना की ओर से कुकी जनजाति की सुरक्षा की मांग करने वाली मणिपुर जनजातीय मंच की याचिका खारिज कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कहा है कि कोर्ट के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों को इस तरह का निर्देश देना उचित नहीं होगा. वहीं, कोर्ट ने यह भी कहा है कि वह केंद्र और मणिपुर राज्य पर प्रदेश के लोगों के जीवन और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए दबाव डालेगा.

हेट स्पीच से दूर रहें सभी- सुप्रीम कोर्ट
मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सभी से कहा है कि कोई भी इस मामले पर हेट स्पीच न दे. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सभी पक्षों से संतुलन की भावना बनाए रखने और किसी से भी नफरत भरे भाषण में हिस्सा न लेने की अपील की है. गौरतलब है कि मणिपुर में लगातार हिंसा हो रही है. आरक्षण के मुद्दे पर दो समुदाय आमने-सामने हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की दलील

गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह राज्य की कानून-व्यवस्था अपने हाथ में नहीं ले सकता है. बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर ट्राइबल फोरम दिल्ली के एडवोकेट कोलिन गोंजाल्वेज की एक दलील पेश की थी. गोंजाल्वेज ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में हिंसा रोकने की बात कही थी लेकिन हिंसा नहीं रुकी और मृतकों का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया. याचिकाकर्ता की दलील पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा था कि हम राज्य की कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में नहीं ले सकते हैं. यह राज्य और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है.

Also Read: Delhi Rain: यमुना का दिख रहा रौद्र रूप, खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी, निचला इलाका कराया गया खाली

क्यों जल रहा है मणिपुर

गौरतलब है कि मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च के आयोजन के बाद से ही झड़पें शुरू हुई थी. इसके बाद पूरा मणिपुर जल उठा. हिंसा में कम से कम 150 लोगों की जान जा चुकी है. बता दें, मणिपुर की 53 फीसदी आबादी मेइती समुदाय की है और यह मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहती है. वहीं, नगा और कुकी जैसे आदिवासी समुदायों की आबादी 40 फीसदी है और यह मुख्यत पर्वतीय जिलों में रहती है.

भाषा इनपुट से साभार

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola