LAC Standoff : एलएसी पर भारत बढ़ा रहा है अपनी ताकत, चीन को चुनौती देने की है तैयारी
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 22 Nov 2022 12:43 PM
India China Tension : चीन के साथ विवादित सीमा पर अपनी क्षमता भारतीय सेना बढ़ाने में लगी हुई है. ऐसा इसलिए ताकि पीएलए से मुकाबला किया जा सके. भारतीय सेना लद्दाख में अलर्ट मोड में है.
India China Tension : भारतीय सेना लद्दाख में पूरी तरह से मुस्तैद है. यहां वो आधुनिक हथियार और तकनीक के साथ मोर्चा संभाले हुए है. सेना के पास आर्टिलरी गन, स्वार्म ड्रोन सिस्टम जैसे हथियार हैं जो भारत के दुश्मनों को करारा जवाब देने का काम करेंगी. यही नहीं लंबी दूरी के रॉकेट, दूर से संचालित हवाई प्रणाली और उच्च तकनीक के वाहन सेना के के पास हैं. चीनी सेना के साथ 30 महीने के गतिरोध जारी है. सेना के एक अधिकारी ने इस संबंध में जानकारी दी है कि लंबी दूरी के रॉकेट, दूर से संचालित एयर सिस्टम और उच्च-गतिशीलता वाले सुरक्षित वाहनों के साथ पहाड़ों में युद्ध के लिए हल्के टैंकों का डेवलपमेंट करने का काम जारी है.
आगे अधिकार ने कहा कि एफआईसीवी और नये कार्बाइन खरीद भी की जा रही है. चीन के साथ विवादित सीमा पर अपनी क्षमता भारतीय सेना बढ़ा रही है ताकि पीएलए से मुकाबला किया जा सके. एलएसी पर चीन का मुकाबला करने के लिए सेना अपनी अलग रणनीति पर काम कर रही है जिसके फोकस में अपनी कैपीसिटी को बढ़ाना है. सेना के अधिकारी ने कहा कि हम अपनी सैन्य स्थिति को मजबूत करने के लिए कई तरह से काम कर रहे हैं. इसके लिए इमरजेंसी खरीदी की जा रही है. विभिन्न परियोजनाओं के लिए सरकार की ओर से भी सकारात्मक जवाब मिल रहा है और हथियारों की खरीदी को मंजूरी दी जा रही है. सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए स्वदेशीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
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यदि आपको याद हो तो चीन के साथ भारत का मई 2020 में गतिरोध शुरू हुआ था जो अभी भी जारी है. एलएसी पर कई जगह दोनों देशों की सेनाओं के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी जिनमें से कुछ जगह बातचीत के द्वारा हल निकाला जा चुका है. द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाने के लिए बातचीत का सहारा लिया जा रहा है. जहां-जहां दोनों देश के सेनाओं के बीच गतिरोध है वहां संघर्ष को कम करने के लिए ये जरूरी है कि सेना को पीछे हटाने का फैसला लिया जाए.
सैन्य संचालन के पूर्व महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया (रिटायर) ने इस संबंध में अपनी राय रखी है. उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए कहा कि चीन केवल ताकत का ही सम्मान करता है. भारत को अपनी शक्ति बढ़ाकर चीन की चुनौती को कम करने की जरूरत है. भारतीय फौज एलएसी पर नये-नये हथियारों से पूरी तरह से लैस नजर आ रही है. इसपर चीन की भी नजर है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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