सुरक्षित है अखबार : सरकार ने राज्यों से कहा- सुनिश्चित करें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का कामकाज जारी रहे

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सुरक्षित है अखबार : सरकार ने राज्यों से कहा- सुनिश्चित करें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का कामकाज जारी रहे

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि प्रिंट तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का काम-काज जारी रहे.

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नयी दिल्ली : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि प्रिंट तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का काम-काज जारी रहे. सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को 23 मार्च को लिखे पत्र में मंत्रालय ने कहा कि टीवी चैनलों, समाचार एजेंसियों जैसे ठोस एवं जरूरी सूचना देने वाले नेटवर्क समय से और प्रामाणिक सूचना पहुंचाने के बेहद आवश्यक माध्यम हैं. सरकार ने प्रिंट मीडिया की उपयोगिता पर बल दिया और कहा कि यह आम लोगों को सूचना देने का सबसे सशक्त माध्यम है.

पत्र में कहा गया है कि न केवल लोगों के बीच जागरुकता फैलाने के लिए बल्कि देश को ताजा स्थिति से अवगत रखने के लिए भी इन नेटवर्कों का उचित तरीके से कामकाज करना जरूरी है. इसमें कहा गया कि झूठी और फर्जी खबरों से बचना होगा. मंत्रालय ने कहा, ‘‘अच्छी कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने की जरूरत है और ये नेटवर्क इस दिशा में अहम भूमिका निभाते हैं.” पत्र में राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों से इन सेवाओं का परिचालन सुगमता से करने का आग्रह किया गया है. इन सेवाओं में टीवी चैनल, समाचार एजेंसियां, डिजिटल सेटेलाइट न्यूज गैदरिंग (डीएसएनजी), डीटीएच सेवा, केबल संचालक, एफएम और सामुदायिक रेडियो स्टेशन शामिल हैं. पत्र में अनुरोध किया गया है कि अगर वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए किसी तरह की पाबंदी पर विचार किया जाता है तो ऐसे में इस तरह की सुविधाएं प्रदान करने वाले संचालकों को कामकाज की अनुमति होगी.

मंत्रालय ने अपने परामर्श में यह भी कहा कि मीडियाकर्मियों, डीएसएनजी तथा अन्य को लेकर जाने वाले वाहनों की आवाजाही सुगम बनानी होगी तथा इन सुविधाओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति एवं अन्य साजो-सामान की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी.

पत्र के अनुसार, ‘‘संबंधित सेवा प्रदाताओं को निर्बाध सेवाओं को मुहैया कराने में किसी तरह की समस्या आने पर स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय की सलाह दी जा रही है.”

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही मीडिया हाउस के मालिकों से बात चीत करते हुए कहा था कि इस वक्त मीडिया की बहुत ज्यादा जरूरत है, और लोगों को इस संकट की घड़ी में सही सूचना देना जरूरी है.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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