कांग्रेस ने तेज की मांग कहा, एसआईटी गठित करके हो जमीन मामले की पूरी जांच

Updated at : 06 Feb 2016 6:29 PM (IST)
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कांग्रेस ने तेज की मांग कहा, एसआईटी गठित करके हो जमीन मामले की पूरी जांच

नयी दिल्ली : गुजरात भूमि सौदा मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को घेरने की कोशिश करते हुए कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एक एसआईटी जांच की अपनी मांग तेज कर करते हुए आज कहा कि उनके मुख्यमंत्री रहने के दौरान सरकार के सभी आवंटनों की इसे जांच करनी चाहिए. पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता […]

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नयी दिल्ली : गुजरात भूमि सौदा मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को घेरने की कोशिश करते हुए कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एक एसआईटी जांच की अपनी मांग तेज कर करते हुए आज कहा कि उनके मुख्यमंत्री रहने के दौरान सरकार के सभी आवंटनों की इसे जांच करनी चाहिए.
पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच टीम को सरकारी जमीन के उन सभी आवंटनों और अनुदानों की जांच करनी चाहिए, जब आनंदीबेन पटेल राजस्व मंत्री और मोदी मुख्यमंत्री थे.” उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी के मुख्यमंत्री रहने के दौरान सरकारी जमीन और वन भूमि की लूट खसोट हुई क्योंकि वह किसी प्रक्रिया का पालन किए बगैर कॉरपोरेट दोस्तों एवं अन्य को खैरात में दी गई थी.
अक्तूबर 2001 में केशुभाई पटेल की जगह आए मोदी करीब 12 साल मुख्यमंत्री रहे थे . आनंदीबेन पटेल उस वक्त मुख्यमंत्री बनी जब मोदी मई 2014 में प्रधानमंत्री बने थे. इस मुद्दे पर मोदी से पाक…साफ साबित होने को कहते हुए शर्मा ने उनसे जानना चाहा है कि क्या वह तत्कालीन राजस्व मंत्री आनंदीबेन पटेल के हितों के टकराव से उस वक्त अवगत थे जब गिर सिंह अभयारण्य के पास सरकारी जमीन का आवंटन ऐसी कंपनी को किया गया, जिसका कथित तौर पर उनकी बेटी अनार पटेल से करीबी व्यापारिक संपर्क था.
शर्मा ने पूछा, ‘‘क्या यह आवंटन कैबिनेट के फैसले पर आधारित था और इसे तत्कालीन मुख्यमंत्री :मोदी: ने मंजूरी दी थी और क्या किसी तरह के हितों का टकराव होने का खुलासा किया गया था?” उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि क्या इस सरकारी जमीन की कीमत का उचित आंकलन और निर्धारण किया गया था. शर्मा ने इसके अलावा प्रधानमंत्री से पूछा कि गिर सिंह अभ्यारण्य के पास क्या 250 एकड सरकारी जमीन जनहित में आवंटित की गई और क्या ऐसा कानून, नियम तथा स्थापित प्रक्रिया के मुताबिक किया गया. साल 2010 में, माना जाता है कि गुजरात सरकार ने गिर सिंह अभयारण्य की 250 एकड जमीन वाइल्डवुड्स रिसोर्ट एंड रियलिटिज प्रा. लि. को 15 रुपये प्रति वर्ग मीटर या 60,000 रुपया प्रति एकड के हिसाब से आवंटित की थी.
सवालों का जवाब देते हुए शर्मा ने कहा कि संसद के बजट सत्र में यह मुद्दा अवश्य उठना चाहिए क्योंकि यह सीधे तौर पर प्रधानमंत्री से जुडा हुआ है जिन्होंने दावा किया है कि वह भ्रष्टाचार को एकदम बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘यह आवश्यक है कि प्रधानमंत्री अपनी चुप्पी तोडे और इस मुद्दे पर सवालों का जवाब दें.
यह प्रधानमंत्री पद के हित में और उन्हें पाक साफ होना चाहिए.” इसके अलावा उन्होंने जोर दिया कि सिर्फ उच्चतम न्यायालय की निगरानी वाली एसआईटी मामले की जांच कर सकती है क्योंकि इसमें पूर्व मुख्यमंत्री संलिप्त हैं जो फिलहाल प्रधानमंत्री हैं. ‘‘हम अपनी मांग में स्पष्ट और सही हैं.” कांग्रेस ने एक एसआईटी का गठन करने के अलावा मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे की मांग की है.
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