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मधेशियों को हटाने के दौरान भारतीय की मौत, भारत चिंतित

Updated at : 02 Nov 2015 7:31 PM (IST)
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मधेशियों को हटाने के दौरान भारतीय की मौत, भारत चिंतित

काठमांडो/ नयी दिल्ली : भारत-नेपाल की सीमा के नजदीक नये संविधान के खिलाफ प्रदार्श्न कर रहे लोगों पर नेपाली पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में 19 वर्षीय भारतीय की मौत हो गई। घटना से चिंतित भारत ने अपने ट्रांसपोर्टरों से कहा है कि सावधानी बरतें और अपनी जिंदगी को खतरे में नहीं डालें. भारत के […]

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काठमांडो/ नयी दिल्ली : भारत-नेपाल की सीमा के नजदीक नये संविधान के खिलाफ प्रदार्श्न कर रहे लोगों पर नेपाली पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में 19 वर्षीय भारतीय की मौत हो गई। घटना से चिंतित भारत ने अपने ट्रांसपोर्टरों से कहा है कि सावधानी बरतें और अपनी जिंदगी को खतरे में नहीं डालें. भारत के इस मशविरा से नेपाल में आपूर्ति संकट गहरा सकता है.
नेपाल के गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक बीरगंज सीमा शुल्क चौकी के नजदीक शंकराचार्य गेट पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में बिहार के रक्सौल का रहने वाला आशीष राम मारा गया. राम के सिर में गोलियां लगीं और अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया.
पुलिस ने कहा कि राम के मोबाइल फोन से उसके मामा को फोन किया गया जिसके बाद उसकी पहचान हुई. नेपाल की पुलिस द्वारा मधेशी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के बाद बीरंगज के विभिन्न हिस्सों में आज संघर्ष छिड गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के टेंट जला दिए, भारत- नेपाल सीमा के पास मैत्री पुल से उन्हें हटा दिया और पिछले 40 दिनों में पहली बार बीरगंज…रक्सौल सीमा व्यापार स्थल को खोला.
इलाके में हिंसा के बाद अधिकारियों ने अनिश्चिकालीन कर्फ्यू लगा दिया. गोलीबारी की घटना पर प्रतिक्रिया जताते हुए भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने नई दिल्ली में कहा, ‘‘बीरगंज में गोलीबारी की घटना से हम काफी चिंतित हैं. गोलीबारी में एक निर्दोष भारतीय भी मारा गया.
नेपाल में राजनीतिक संकट है और इसका समाधान बलपूर्वक नहीं हो सकता. नेपाल की सरकार को वर्तमान संघर्ष के कारणों से ठोस और प्रभावी तरीके से निपटने की जरुरत है.” उन्होंने कहा कि भारतीय मालवाहकों और ट्रांसपोर्टरों ने सीमा के पार खराब होती स्थिति पर आज फिर चिंता जाहिर की है.उन्होंने कहा, ‘‘हम उन्हें सलाह दे रहे हैं कि सावधानी बरतें और खुद को खतरे में नहीं डालें. हम सावधानीपूर्वक स्थिति की निगरानी कर रहे हैं.” मधेशी मोर्चे की बडी मांग है कि संघीय प्रांतों का फिर से सीमांकन किया जाए और भारतीय मूल के मधेशी लोगों के और अधिकार और प्रतिनिधित्व को संविधान में शामिल किया जाए.
उनकी अन्य मांगों में शामिल है कि हाल के प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा दिया जाए, घायल लोगों का नि:शुल्क इलाज हो, पीडितों के परिजन को मुआवजा दिया जाए और तराई जिलों से सुरक्षा बलों को हटाया जाए.संगठन नये लागू संविधान में सात प्रांतीय मॉडल के खिलाफ दक्षिणी नेपाल के विभिन्न हिस्से में दो महीने से ज्यादा समय से प्रदर्शन कर रहा है.
संविधान को 20 सितम्बर को औपचारिक रुप से अंगीकृत करने के बाद नेपाल के दक्षिणी तराई क्षेत्र में तनाव बना हुआ है. हिंसक आंदोलन में 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और भारत से इस हिमालयी देश को सामान और ईंधन की आपूर्ति में बाधा आने के कारण भारत…नेपाल संबंधों में भी तनाव आया है.
बहरहाल चीन से पेट्रोल लेकर 12 ट्रक आज नेपाल में रासुवागाधी व्यापार स्थल से आए। नेपाल ऑयल कारपोरेशन और पेट्रो चाइना के बीच कुछ दिन पहले बीजिंग में हुए समझौते के बाद इन टैंकरों से नेपाल में एक लाख 44 हजार लीटर पेट्रोल और डीजल आया है. चीन में नेपाल के राजदूत महेश मासके ने आज एक टेलीविजन चैनल से कहा कि चीन नेपाल की एक तिहाई जरुरत को पूरा करने के लिए पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पर सहमत हुआ है.उन्होंने कहा कि समझौते के तहत चीन पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और गैसोलीन की आपूर्ति करेगा. चीन ने त्योहारी मौसम में एक हजार मीट्रिक टन ईंधन आपूर्ति की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि नेपाल ऑयल कारपोरेशन और पेट्रो चाइना के अधिकारी नेपाल को आपूर्ति किए जाने वाले पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य तय करने पर चर्चा करेंगे.
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