टाइम्स हायर एजुकेशन ग्लोबल रैकिंग: शीर्ष 300 की सूची में एक भी भारतीय विश्वविद्यालय शामिल नहीं

Updated at : 12 Sep 2019 11:25 AM (IST)
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टाइम्स हायर एजुकेशन ग्लोबल रैकिंग: शीर्ष 300 की सूची में एक भी भारतीय विश्वविद्यालय शामिल नहीं

नयी दिल्ली: हाल ही में नई शिक्षा नीति लाने वाले भारत के लिए ये खबर किसी झटके से कम नहीं है. वो भी तब जब केंद्र सरकार का पूरा फोकस शोधपरक एवं गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पर है. बता दें कि ग्लोबल यूनिवर्सिटी की नई रैकिंग में शीर्ष 300 विश्वविद्यालयों सूची में भारत का एक भी […]

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नयी दिल्ली: हाल ही में नई शिक्षा नीति लाने वाले भारत के लिए ये खबर किसी झटके से कम नहीं है. वो भी तब जब केंद्र सरकार का पूरा फोकस शोधपरक एवं गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पर है. बता दें कि ग्लोबल यूनिवर्सिटी की नई रैकिंग में शीर्ष 300 विश्वविद्यालयों सूची में भारत का एक भी विश्वविद्यालय जगह नहीं बना पाया है. पिछले साल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरू ने टॉप 300 की सूची में जगह बनाई थी लेकिन इस बार वो इससे बाहर हो गया है.

आईआईटी रोपड़ ने बनाई है जगह

राहत की बात ये है कि इस बार शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों की सूची में भारत के 06 संस्थानों को जगह मिली है. पिछली बार ये आंकड़ा 5 संस्थानों का था. इस लिहाज से पिछले साल के मुकाबले ग्लोबल रैकिंग में भारत के ज्यादा संस्थानों ने जगह बनाई है. भारत के लिए एक अच्छी बात यह है कि इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी, रोपड़ ने पहली बार में ही टॉप 350 में जगह बनाई है. आईआईटी, रोपड़ इस लिस्ट में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु के साथ है.

लगातार चौथी बार ऑक्सफोर्ड अव्वल

बता दें कि इस सूची में लगातार चौथी बार लंदन स्थित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है. एशिया की बात करें तो इस सूची में चीन के दो विश्वविद्यालय की जगह मिली है. इनमें सिंघुआ यूनिवर्सिटी को 23वीं रैंकिंग मिली है वहीं पीकिंग विश्वविद्यालय को 24वीं रैंकिंग मिली है. टाईम्स हायर एजुकेशन की ग्लोबल यूनिवर्सिटी रैंकिंग में कुल 92 देशों के 1300 विश्वविद्यालयों ने भाग लिया था. 10 विश्वविद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने पहली बार इसमें हिस्सा लिया और सूची में जगह बनाई.

रैकिंग में खिसके भारतीय विश्वविद्यालय

आईआईएससी बेंगलुरु की रैकिंग में गिरावट आई है. पिछली बार शीर्ष 300 में शामिल ये संस्थान इस बार शीर्ष 350 में खिसक गया है. इसके पीछे का कारण शोध का माहौल, पढ़ाई का माहौल और गुणवत्ता, औद्योगिक आय के पैमानों में सुधारों पर जोर नहीं देना है. आईआईएससी के अलावा 6 और भारतीय विश्वविद्यालयों की रैकिंग में भी इस साल गिरावट आई है. हालांकि आईआईटी दिल्ली, आईआईटी खड़गपुर और जामिया मिल्लिया समेत कुछ अन्य विश्वविद्यालयों की सूची में भी सुधार हुआ है.

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