राहुल गांधी ने सोमनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, राफेल करार पर मोदी को लिया आड़े हाथ

Published at :29 Nov 2017 9:03 PM (IST)
विज्ञापन
राहुल गांधी ने सोमनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, राफेल करार पर मोदी को लिया आड़े हाथ

विसावदर (गुजरात) : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ गुजरात की दो दिवसीय यात्रा शुरू की, पाटीदार समुदाय तक पहुंच कायम करने की कोशिश की और राफेल लड़ाकू विमान करार के मुद्दे पर चुप्पी साधने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला. गिर सोमनाथ जिले में दोपहर […]

विज्ञापन

विसावदर (गुजरात) : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ गुजरात की दो दिवसीय यात्रा शुरू की, पाटीदार समुदाय तक पहुंच कायम करने की कोशिश की और राफेल लड़ाकू विमान करार के मुद्दे पर चुप्पी साधने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला. गिर सोमनाथ जिले में दोपहर के वक्त भगवान शिव के मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद राहुल ने जूनागढ़ जिले के विसावदर में एक चुनावी रैली को संबोधित किया.

साल 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान इस समुदाय के 14 सदस्यों के पुलिस फायरिंग में मारे जाने की घटना का हवाला देते हुए राहुल ने कहा कि यदि कोई अपनी आवाज उठाता है, तो गुजरात में या तो उसकी पिटाई कर दी जाती है या उसे गोलियों का सामना करना पड़ता है.

राहुल ने कहा, यहां सारे समुदाय सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं. लेकिन, गुजरात में आवाज उठाने पर आपको क्या मिल रहा है आपको पीटा जाता है, आपको गोलियों का सामना करना पड़ता है. राजनीतिक तौर पर निर्णायक सौराष्ट्र क्षेत्र में विसावदर पाटीदार बहुल विधानसभा क्षेत्र है. उन्होंने कहा, मैंने (राफेल करार पर) मोदी जी से तीन सवाल पूछे. पहला, क्या (फ्रांसीसी कंपनी के साथ हुए) पहले और दूसरे अनुबंध में विमानों की लागत में कोई फर्क है? कृपया हां या नहीं में जवाब दें. राहुल ने कहा, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की बजाय एक निजी उद्योगपति मित्र को ठेका क्यों दिया गया? और क्या आपने करार के लिए कैबिनेट की सुरक्षा समिति (सीसीएस) से मंजूरी ली? कांग्रेस उपाध्यक्ष ने यह भी जानना चाहा कि लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए पिछले साल फ्रांस के साथ करार को औपचारिक रूप देने से पहले उचित प्रक्रिया का पालन किया गया.

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री उनके सवालों के जवाब देने से परहेज कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि उनके गृह राज्य में हो रहे अहम चुनावों से पहले सच्चाई सामने आ जायेगी. राहुल ने कहा, नरेंद्र मोदीजी इन सवालों के जवाब नहीं दे रहे क्योंकि वह चाहते हैं कि राफेल और (भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे) जय शाह की सच्चाई गुजरात चुनावों से पहले लोगों के सामने नहीं आ सके. एक न्यूज पोर्टल ने दावा किया था कि 2014 में केंद्र में भाजपा की सत्ता आने के बाद जय शाह की कंपनी के कारोबार में अचानक कई गुना का इजाफा हुआ था. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को रबर स्टैंप करार देते हुए राहुल ने कहा कि दरअसल अमित शाह इस सरकार को चला रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने संसद का शीतकालीन सत्र आयोजित करने में इसलिए देरी की क्योंकि मोदी गुजरात चुनाव से पहले राफेल करार और जय शाह के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं हैं.

राहुल ने कहा, अमूमन संसद का (शीतकालीन) सत्र हर साल नवंबर में आयोजित होता है और लोकसभा एवं राज्यसभा में चर्चा होती है. लेकिन, दो कारणों से इस बार गुजरात चुनावों के बाद संसद सत्र होगा. उन्होंने भाजपा शासित गुजरात में किसानों की समस्याओं और बेरोजगारी के मुद्दों पर मोदी सरकार की आलोचना की. गुजरात विधानसभा में कुल 182 सीटें हैं. वहां दो चरणों में मतदान होनेवाले हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola