कार्ति के लुकआउट नोटिस पर रोक के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Aug 2017 1:07 PM
नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई द्वारा दायर कथित भ्रष्टाचार मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम और अन्य के खिलाफ लुकआउट नोटिस पर रोक लगाने के मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ केंद्र की याचिका पर सुनवाई करने पर सोमवार को सहमति जतायी. प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर […]
नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई द्वारा दायर कथित भ्रष्टाचार मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम और अन्य के खिलाफ लुकआउट नोटिस पर रोक लगाने के मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ केंद्र की याचिका पर सुनवाई करने पर सोमवार को सहमति जतायी.
प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड की पीठ ने कहा कि वह सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई पूरी होने के बाद सोमवार को स्वयं मामले की सुनवाई करेगी. केंद्र की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका पर तत्काल सुनवाई करने की मांग की.
चिदंबरम के बेटे कार्ति ने किया कांग्रेस पर हमला कहा- जब ट्रंप बन सकते हैं अमेरिका के राष्ट्रपति तो…
मद्रास उच्च न्यायालय ने सीबीआई द्वारा दायर भ्रष्टाचार मामले में केंद्र द्वारा कार्ति चिदंबरम एवं चार अन्य के खिलाफ जारी ‘लुकआउट सर्कुलर ‘ पर 10 अगस्त को रोक लगा दी थी और कहा था कि ये सर्कुलर प्रथम दृष्टया ‘ ‘अवांछित ‘ ‘ हैं. कार्ति के अलावा उनके सहयोगी सी बी एन रेड्डी, रवि विश्वनाथ, मोहनन राजेश और एस भास्कर रमण को भी अंतरिम राहत मिली है.
कोर्ट ने कहा था कि पूछताछ के लिए 29 जून को पेश होने के लिए कार्ति को सीआरपीसी की प्रासंगिक धाराओं के तहत नोटिस भेजे जाने के मात्र एक दिन बाद यह सर्कुलर जारी किया गया.’ ‘यह… अदालत के अनुसार प्रथमदृष्टया अवांछित है. ‘ ‘ गृह मंत्रालय के तहत आव्रजन ब्यूरो एवं विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) ने पिछली 16 जून को कार्ति और 18 जुलाई को चार अन्य के खिलाफ सर्कुलर जारी किए थे. कार्ति ने याचिका में कहा है कि लुकआउट सर्कुलर केंद्र सरकार की ‘ ‘बदले की राजनीति ‘ ‘ का हिस्सा है और उन्हें विदेश जाने से रोकने के लिए अधिकार क्षेत्र के बिना ‘ ‘मनमाने तरीके से ‘ ‘ इसे जारी किया गया.
कई और मामलों में फंसा है चिदंबरम परिवार, पढ़ें कुछ प्रमुख मामले
उन्होंने कहा कि उन्होंने मामले में सीबीआई के जारी समनों का उत्तर दिया था और सर्कुलर जारी करने का कोई ठोस कारण नहीं था. यह मामला वर्ष 2007 में विदेशों से फंड हासिल करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दिलाने में कथित अनियमितताओं से संबंधित है. उस समय पी चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










