ePaper

Holiday Plan In Bhubaneswar: छुट्टियों में भुवनेश्वर घूमने जा रहे तो, इन जगहों को एक्सप्लोर करना न भूलें

Updated at : 08 Apr 2022 5:52 PM (IST)
विज्ञापन
Holiday Plan In Bhubaneswar: छुट्टियों में भुवनेश्वर घूमने जा रहे तो, इन जगहों को एक्सप्लोर करना न भूलें

Holiday Plan In Bhubaneswar: उड़ीसा भारत में सबसे अधिक सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्यों में से एक है. इस राज्य ने तेजी से आधुनिकीकरण को भी अपनाया है, बावजूद इसके यह राज्य अपने सांस्कृतिक आकर्षण को बनाए रखने में अबतक सफल रहा है.

विज्ञापन

Holiday Plan In Bhubaneswar: उड़ीसा राज्य की राजधानी भुवनेश्वर अपने राज्य का नेतृत्वकर्ता है. यह बहुत ही आकर्षक है, इसमें आधुनिक समय की सभी सुविधाएं हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां पुरानी विरासत जीवित है. शहर में कई राजसी मंदिर हैं जो हमारे देश की विविध और विशाल संस्कृति को दिखाते हैं. यदि आप आने वाले दिनों में अपनी छुट्टी की योजना बना रहे हैं, तो हम आपको भुवनेश्वर, उड़ीसा जाने की सलाह देंगे. यहां हम आपको पांच ऐसे कारण बताने जा रहे हैं जिसकी वजह से आपको इस शानदार शहर की यात्रा करने का अवसर बिल्कुल भी नहीं छोड़ना चाहिए.

undefined

The Raja Rani Temple : राजा-रानी मंदिर का निर्माण 10वीं शताब्दी में एक ओडिया राजा द्वारा एक ओडिया रानी के सम्मान में किया गया था. मंदिर बड़े मंदिर के मैदान में बनी कामुक मूर्तियों से सुशोभित है. यह शहर के टॉप अट्रैक्शन में से एक है और यहां एक एनुअल संगीत समारोह आयोजित किया जाता है. कई प्रतिभाशाली संगीतकार यहां प्रदर्शन करने और लोगों के साथ आनंद लेने के लिए इकट्ठा होते हैं. मंदिर सुबह 5 बजे से रात 9 बजे के बीच खुला रहता है और भुवनेश्वर हवाई अड्डे के करीब है.

undefined

Lingaraja Temple : लिंगराज मंदिर 10 शताब्दियों से भी पुराना है और इसे मजबूत और आकर्षक वास्तुकला के साथ बनाया गया है. मंदिर के प्रवेश द्वार पर दो शेर की मूर्तियाँ हैं और मुख्य भगवान शिव के मंदिर 64 अन्य छोटे मंदिरों से घिरे हुए हैं. मुख्य मंदिर को त्रिभुवनेश्वर या तीनों लोकों के भगवान के रूप में जाना जाता है और प्रतिदिन भांग, दूध और पानी से स्नान किया जाता है. लोग भगवान को प्रसाद चढ़ाने और उनकी स्तुति करने के लिए लंबी लाइनों में इंतजार करते हैं. यह एक बहुत प्रसिद्ध मंदिर है और लिंगराज मंदिर रोड पर स्थित है जो मुख्य हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन से मुश्किल से 3-5 किमी दूर है. इस पवित्र मंदिर में देश भर से लोग आते हैं.

undefined

Udayagiri & Khandari Caves : उदयगिरि और खंडारी गुफाएं भुवनेश्वर की ये बेहद खूबसूरत गुफाएं है. यह एक अन्य कारण है जिनकी वजह से आपको इस शहर की यात्रा जरूर करनी चाहिए. ये गुफाएं पूरी तरह से पूर्णता के साथ बनाई गई हैं और बहुत ही दिलचस्प हैं. रानी गुफा इन गुफाओं की संरचनाओं में से एक के रूप में निर्मित एक दोहरी मंजिला गुफा है. इसके अलावा, दरवाजे के प्रवेश द्वार पर बने तीन सिर वाले सांप के साथ एक सर्प गुफा है. अगला हाथी गुफा है जिसमें कलिंग राजा, खारवेल के बारे में 117 पंक्ति का शिलालेख है. जब आप उड़ीसा में हों तो आपको प्राचीन वास्तुकला के इन चमत्कारों को अवश्य देखना चाहिए.

undefined

Utakalika Market : उड़िया की सभी चीजों की खरीदारी के लिए भुवनेश्वर का उत्कलिका बाजार सबसे अच्छी जगहों में से एक है. यहां मिलने वाले सामान आपको और कहीं नहीं मिलेंगे. इसलिए यह बाजार भी बहुत लोकप्रिय है. टेक्सटाइल से लेकर ताड़ के पत्तों की पेंटिंग, आदिवासी गहने और भी बहुत कुछ आप यहां खरीद सकते हैं.

undefined

Tribal Museum : भुवनेश्वर में स्थित जनजातीय संग्रहालय एक और साइट है जिसके लिए आपको इस शहर की यात्रा अवश्य करनी चाहिए. इस संग्रहालय का निर्माण एक बौद्ध स्तूप जैसे गुंबद में किया गया है और संग्रहालय अपने आदिवासी आकर्षण के लिए बहुत लोकप्रिय है. यह वास्तव में सबसे अच्छी जगहों में से एक है जो आपको उड़ीसा के आदिवासी संप्रदायों और उनके जीवन के बारे में बताएगा. उड़ीसा 62 से अधिक आदिवासी समुदायों का घर है और संग्रहालय में 2240 से अधिक जनजातीय कलाकृतियों और उपकरणों, कपड़े, हथियारों के आभूषण, वस्त्र और बहुत कुछ है. तो इस राज्य के आदिवासी इतिहास को समझने के लिए भुवनेश्वर जरूर जाएं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola