Monkeypox Virus: चाइना से आया एक और खतरनाक Monkey B Virus, कोरोना, स्मॉलपॉक्स से मिलते जुलते है इसके लक्षण
Author : sumitkumar1248654 Published by : Prabhat Khabar Updated At : 19 Jul 2021 2:22 PM
Monkeypox Virus, Symptoms, Treatment, Cases: कोरोना महमारी अभी समाप्त नहीं हुई, इस बीच कई और बीमारियों का डर लोगों को सता रहा है. इधर, चाइना से आए एक और घातक वायरस के बारे में पता चला है जिसे मंकी बी वायरस (Monkey B virus) या मंकीपॉक्स (Monkeypox) के नाम से भी जाना जा रहा है.
Monkeypox Virus, Symptoms, Treatment, Cases: कोरोना महमारी अभी समाप्त नहीं हुई, इस बीच कई और बीमारियों का डर लोगों को सता रहा है. इधर, चाइना से आए एक और घातक वायरस के बारे में पता चला है जिसे मंकी बी वायरस (Monkey B virus) या मंकीपॉक्स (Monkeypox) के नाम से भी जाना जा रहा है.
दरअसल, यह बीमारी भी कोरोना संक्रमण की तरह ही है. यह किसी जानवर या व्यक्ति के साथ संपर्क में आने से फैलता है. खबरों की मानें तो चीन की राजधानी बीजिंग में यह वायरस पहली बार पाया गया था. जहां एक बंदर के काटने से एक व्यक्ति की कुछ दिनों के अंदर मौत हो गयी.
अब इसका नया मामला अमेरिका के टेक्सास में भी पाया गया है. दरअसल, मंकीपॉक्स का ताजा मामला जिस व्यक्ति में पाया गया है वो इसी 8 जुलाई को फ्लाइट से नाइजीरिया से अटलांटा जा रहा था. फिर वहां से 9 जुलाई को डालास गया था. इस मरीज को डालास के एक अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया है जहां उसकी स्थिति फिलहाल ठीक है.
यह वायरस एक से दूसरे व्यक्ति में सांसों के जरिए अथवा किसी तरल पदार्थ के माध्यम से भी फैल सकता है. सीडीसी के मुताबिक मंकी बी वायरस शुरूआत में कोरोना के लक्षणों की तरह ही फ्लू, सिर दर्द आदि से शुरू होती है. बाद में स्कीन पर चेचक बीमारी की तरह गंभीर रूप से बड़े दाने उठने लगते है. इसका संक्रमण 2-4 सप्ताह तक रह सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो इसका समय पर इलाज नहीं हुआ तो 100 में 10 संक्रमित व्यक्ति इससे मर सकते हैं.
दरअसल, एक रिपोर्ट के मुताबिक मंकीपॉक्स सबसे पहले 1950 में बंदरों में पाए गए थे. जिसके बाद इंसानों यह वायरस पहली बार 1970 में कांगो में मिला था. इसके लक्षन स्मॉलपाक्स की तरह मिलते है. इन्हीं कारणों से इस बीमारी का नाम मंकी वायरस या मंकीपॉक्स पड़ा.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मानें तो मुख्य रूप से डॉर्मिस (Dormice), रस्सी गिलहरी और प्राइमेट (Primates), ट्री गिलहरी (Tree Squirrels), गैम्बियन पाउच वाले चूहे (Gambian Pouched Rats) जैसे जीव इस बीमारी को फैला रहे है.
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तेज फीवर होना
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शरीर के कई हिस्सों में सूजन हो सकता है
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असहनिय सिरदर्द हो सकता है
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संक्रमित व्यक्ति को काफी थकान महसूस होगा
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ठंड लगना भी इसके आम लक्षणों में से एक है
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कमजोरी महसूस होगी
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त्वचा में जगह-जगह लाल चकत्ते पड़ सकते है
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स्मॉलपाक्स की तरह बड़े-बड़े खुजली वाले दाने हो सकते है
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कई कंडीशन में ये लाल चकत्ते घाव का रूप ले सकते है
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यह संक्रमण अधिकतम 3 सप्ताह तक रह सकता है
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मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द हो सकता है.
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