मुंबई : महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार के बाद अभिनेत्रियां भी खुद को असुरक्षित महसूस करने लगी हैं. प्रीति जिंटा और स्वरा भास्कर का मानना है कि मुंबई में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. बीते वर्षों की तुलना में साल 2013 में यहां रेप और छेड़छाड़ के मामलों में वृद्धि हुई है.
अभिनेत्री प्रीति जिंटा का कहना है, हमें उस डर और अनिश्चितता के माहौल को दूर करने के लिए उपयुक्त समाधान ढूंढने होंगे, जिनका महिलाओं को सामना करना पड़ता है.
सोफी चौधरी का कहना है कि जब मैं अपनी मां के साथ लंदन से मुंबई आई तो हमने इसे लड़कियों के लिए विश्व के सुरक्षित शहरों में से एक पाया था. लेकिन अब ऐसा नहीं रहा. अगर आप अकेली लड़की हैं तो यहां आपको लगातार अपनी चौकीदारी करनी पड़ेगी.
ऋचा चड्ढा कहती है कि मुझे स्वीकार करना पड़ेगा कि यहां हमेशा सुरक्षित महसूस नहीं करती हूं. लेकिन क्या मैं किसी अन्य शहर में सुरक्षित हूं? वहीं अमृता राव कहती है कि यह शहर कामकाजी महिलाओं के लिए कतई सुरक्षित नहीं है. जब मैं शूटिंग पर होती हूं तो स्वयं को अनचाहे लोगों से बचाने के लिए अंगरक्षक रखने पड़ते हैं.
अमृता राव कहती हैं यह शहर कामकाजी महिलाओं के लिए कतई सुरक्षित नहीं है. जब मैं शूटिंग पर होती हूं तो स्वयं को अनचाहे लोगों से बचाने के लिए अंगरक्षक रखने पड़ते हैं.