BHU PhD Admission: अगर आपका सपना देश के फेमस काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से PhD करने का है, तो यह खबर आपके लिए है. महामना पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित BHU देश के प्रमुख सेंट्रल यूनिवर्सिटी में शामिल है. यहां हर साल हजारों स्टूडेंट्स रिसर्च के लिए एडमिशन लेते हैं. अगर आप भी BHU से PhD करना चाहते हैं, तो एप्लीकेशन करने से पहले एलिजिबिलिटी, एडमिशन प्रोसेस, फीस और जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जानकारी जरूर जान लें.
BHU में PhD के लिए कौन एलिजिबल है?
- रिलेटेड सब्जेक्ट में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) में कम से कम 55 प्रतिशत मार्क्स होना जरूरी है.
- SC, ST, OBC (NCL), EWS और PwD कैटेगरी के कैंडिडेट्स को 5 प्रतिशत मार्क्स की छूट मिलती है. यानी इनके लिए मिनीमम 50 प्रतिशत मार्क्स जरूरी हैं.
- जिन स्टूडेंट्स ने 4 साल का ग्रेजुएशन (FYUP) कम से कम 75 प्रतिशत मार्क्स के साथ पूरा किया है, वे भी सीधे PhD के लिए एप्लीकेशन कर सकते हैं.
BHU में PhD में एडमिशन कैसे मिलता है?
अगर आप BHU में PhD में एडमिशन लेना चाहते हैं, तो बता दें कि यहां तीन तरीकों से होता है:
JRF क्वालिफाइड कैंडिडेट्स: अगर आपने UGC-NET JRF, CSIR-NET JRF, ICMR-JRF, DBT-JRF या GATE पास किया है, तो आपको BHU का अलग से रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट (RET) नहीं देना पड़ता. ऐसे कैंडिडेट्स को सीधे इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है.
NET स्कोर के आधार पर: जो कैंडिडेट्स UGC NET या CSIR NET के जरिए PhD के लिए एलिजिबल हैं, वे भी NET स्कोर के आधार पर अप्लाई कर सकते हैं.
रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट (RET): कुछ विषयों में BHU खुद रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट (RET) आयोजित करता है. ऐसे में एडमिशन RET या UGC के तय नियमों के अनुसार होता है.
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सेलेक्शन प्रोसेस कैसे होता है?
BHU के PhD में फाइनल सेलेक्शन दो फेजों में होता है.
- सबसे पहले एंट्रेंस टेस्ट या NET स्कोर के आधार पर कैंडिडेट्स की शॉर्टलिस्टिंग होती है.
- इसके बाद इंटरव्यू (वाइवा-वोसे) होता है. इसमें कैंडिडेट को अपना रिसर्च प्रपोजल (सिनॉप्सिस) प्रेजेंट करना होता है. इंटरव्यू में विषय की समझ और रिसर्च प्लान का मार्किंग किया जाता है.
BHU PhD Admission: कितनी है फीस?
BHU में PhD की फीस दूसरे कई यूनिवर्सिटी की तुलना में काफी कम है.
GEN, OBC और EWS कैटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए एप्लीकेशन फीस लगभग ₹800 से ₹1,000 तक होती है. वहीं SC, ST और PwD कैटेगरी के लिए एप्लीकेशन फीस करीब ₹400 से ₹500 रहती है. अगर बात करें ट्यूइशन फीस की, तो ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंस की सालाना फीस लगभग ₹5,000 से ₹8,000 तक होती है. वहीं साइंस और टेक्निकल सब्जेक्ट्स की सालाना फीस करीब ₹10,000 से ₹15,000 तक हो सकती है.
Fellowship: कीसे मिलती है फेलोशिप?
JRF क्वालिफाइड कैंडिडेट्स को UGC या CSIR के नियमों के अनुसार हर महीने फेलोशिप मिलती है. वहीं, कुछ मामलों में नॉन-JRF रिसर्च स्कॉलर्स को भी यूनिवर्सिटी के नियमों और उपलब्ध फंड के अनुसार फेलोशिप या रिसर्च ग्रांट मिल सकती है.
एप्लीकेशन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
- 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की मार्कशीट व सर्टिफिकेट
- UGC-NET, CSIR-NET, GATE या अन्य एग्जाम का स्कोरकार्ड (यदि लागू हो)
- जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) (यदि लागू हो)
- EWS, PwD सर्टिफिकेट (यदि लागू हो)
- पासपोर्ट साइज फोटो और डिजिटल सिग्नेचर
- आधार कार्ड या अन्य वैलिड फोटो आईडी
- इंटरव्यू के लिए रिसर्च प्रपोजल (सिनॉप्सिस)
PhD एडमिशन से जुड़ी एप्लीकेशन डेट, सीटों की संख्या और अन्य अपडेट समय-समय पर जारी किए जाते हैं. इसलिए स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे BHU के ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल admission.bhu.ac.in/en पर जारी इन्फॉर्मेशन बुलेटिन और नोटिफिकेशन नियमित रूप से चेक करते रहें, ताकि कोई जरूरी अपडेट न छूटे.
BHU PhD Admission: ऐसे करें अप्लाई
BHU के ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल admission.bhu.ac.in/en पर जाएं.
ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें.
एप्लीकेशन फॉर्म में अपनी पर्सनल और एजुकेशनल जानकारी भरें.
फोटो, सिग्नेचर, मार्कशीट और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें.
ऑनलाइन एप्लीकेशन फीस जमा करें.
एप्लीकेशन फॉर्म का प्रिंट अपने पास सुरक्षित रख लें.
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