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फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने की आशंका से Dow Jones धाराशायी, औंधे मुंह गिरा सेंसेक्स और निफ्टी

Updated at : 14 Jun 2022 8:51 AM (IST)
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फेडरल रिजर्व  के ब्याज दर बढ़ाने की आशंका से Dow Jones धाराशायी, औंधे मुंह गिरा सेंसेक्स और निफ्टी

The Dow Jones financial electronic ticker is seen at Times Square in New York July 17, 2012.

अमेरिका में मुद्रास्फीति बढ़कर चार दशक के उच्च स्तर पर पहुंचने के साथ फेडरल रिजर्व (अमेरिकी केंद्रीय बैंक) के नीतिगत दर में बड़ी वृद्धि की आशंका से बाजार लुढ़क गया. अमेरिकी शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली. इसका असर भारतीय शेयर बाजार में भी पड़ा. सेंसेक्स और निफ्टी औंधे मुंह गिर पड़े.

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अमेरिका में मुद्रास्फीति बढ़कर चार दशक के उच्च स्तर पर पहुंचने के साथ फेडरल रिजर्व बैंक के नीतिगत दर में बड़ी वृद्धि की आशंका से अमेरिकी शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली. अमेरिका में महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. महंगाई दर मई में चार दशक के उच्च स्तर 8.6 फीसदी पहुंच गयी. अमेरिकी शेयर बाजार डाउ जोन्स (Dow Jons) में सोमवार को 2.8 फीसदी यानी 876 अंकों को गिरावट देखने को मिली. इसका असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला. अमेरिका बाजार में बिकवाली के कारण सोमवार को भारतीय बाजार औंधे मुंह गिर पड़ा.

अमेरिकी बाजार में बीते शुक्रवार के कारोबार में हुई बिकवाली के बाद एसएंडपी में 2.90 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. टेक फोकस्ड इंडेक्स नास्डैक कंपोजिट बीते दो कारोबारी सत्र में 10 फीसदी की गिरावट पर रहा. इसी तरह डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones) में सोमवार को 876 अंकों की गिरावट देखी गई. बता दें, इस साल यानी 2022 में एसएंडपी 500 अभी तक 18 फीसदी से गिर चुका है.

भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला. बीते सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही बीएसई का सेंसेक्स 1500 अंक टूट गया और बीएसई सेंसेक्स 1,457 अंक का गोता लगाकर बंद हुआ. वैश्विक बाजारों में कमजोरी के रुख के साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी जारी रहने से बाजार में गिरावट आयी.

अमेरिका में मुद्रास्फीति बढ़कर चार दशक के उच्च स्तर पर पहुंचने के साथ फेडरल रिजर्व (अमेरिकी केंद्रीय बैंक) के नीतिगत दर में बड़ी वृद्धि की आशंका से बाजार नीचे आया. इसके अलावा अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपये के 78 प्रति डॉलर के स्तर के पार जाने से भी बाजार पर प्रतिकूल असर पड़ा. तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,456.74 अंक यानी 2.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 52,846.70 अंक पर बंद हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 427.40 अंक यानी 2.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,774.40 अंक पर बंद हुआ.

निवेशकों को लगा 6.64 लाख करोड़ का चूना: शेयर बाजार में इस गिरावट के साथ निवेशकों की पूंजी को सोमवार को 6.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ. बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण घटकर 2,45,19,673.44 करोड़ रुपये पर आ गया. सेंसेक्स के शेयरों में 7.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ सर्वाधिक नुकसान में बजाज फिनसर्व रही. इसके अलावा बजाज फाइनेंस, इंडसइंड बैंक, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, एनटीपीसी, इन्फोसिस और एसबीआई भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे.

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