Union Budget 2023 : रोजगार वाले क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने के लिए पीएलआई योजना का विस्तार कर सकती है सरकार

सरकार पहले ही पीएलआई योजना वाहन और वाहन कलपुर्जे, बड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, औषधि, कपड़ा, खाद्य उत्पाद, उन्नत रसायन सेल और विशिष्ट इस्पात समेत कुल 14 क्षेत्रों में लागू कर चुकी है. योजना का लक्ष्य इन क्षेत्रों में घरेलू विनिर्माताओं को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी और ‘चैंपियन’ बनाना है.
नई दिल्ली : लोकसभा में बजट पेश होने में अब करीब 10 दिन शेष रह गए हैं. इस बीच, खबर यह है कि लोकसभा में एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले बजट 2023 में सरकार रोजगार वाले क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने की खातिर कुछ क्षेत्रों के लिए पीएलआई योजना का विस्तार कर सकती है. समाचार एजेंसी भाषा की खबर के अनुसार, सरकार केंद्रीय बजट 2023 में खिलौनों, साइकिल, चमड़ा और जूता-चप्पल के विनिर्माण के लिए वित्तीय प्रोत्साहन की घोषणा कर सकती है. सूत्रों का कहना है कि ज्यादा रोजगार वाले क्षेत्रों को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का लाभ देने के लिये इसका विस्तार किया जा सकता है.
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार पहले ही करीब दो लाख करोड़ रुपये की पीएलआई योजना वाहन और वाहन कलपुर्जे, बड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, औषधि, कपड़ा, खाद्य उत्पाद, उच्च क्षमता वाले सौर पीवी मॉड्यूल्स, उन्नत रसायन सेल और विशिष्ट इस्पात समेत कुल 14 क्षेत्रों में लागू कर चुकी है. सूत्रों ने बताया कि योजना का लक्ष्य इन क्षेत्रों में घरेलू विनिर्माताओं को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी और ‘चैंपियन’ बनाना है.
पीएलआई योजना को खिलौनों और चमड़ा जैसे विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रस्ताव स्वीकृत होने के अंतिम चरण में है. सूत्रों के अनुसार, इसकी संभावना है कि बजट में इसे लाया जा सकता है. एक सूत्र ने बताया कि इस दो लाख करोड़ रुपये में से कुछ राशि बची है. इसे अन्य क्षेत्रों में लगाने पर विचार किया जा सकता है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आम बजट एक फरवरी को पेश करेंगी.
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देश में विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पीएलआई योजना की शुरुआत की है. इस योजना के तहत सरकार ने सबसे पहले उत्पादन करने वाली करीब 14 क्षेत्रों की कंपनियों को करीब 1.46 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज देने की घोषणा की थी. सरकार का दावा है कि पीएलआई योजना के जरिए विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलने के साथ ही रोजगार के नए अवसर पर प्रदान किए जा सकेंगे.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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