इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने विलय को लेकर ग्रासिम इंडस्ट्रीज से मांगा 5,872 करोड़ रुपये

नयी दिल्ली : आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने शनिवार को कहा कि उसे आयकर विभाग से 5,872.13 करोड़ रुपये का कर मांग नोटिस मिला है. कर मांग आदित्य बिड़ला नुवो और आदित्य बिड़ला फाइनेंशियल सर्विसेज के साथ ग्रासिम इंडस्ट्रीज के विलय के मामले में की गयी है. ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजार […]
नयी दिल्ली : आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने शनिवार को कहा कि उसे आयकर विभाग से 5,872.13 करोड़ रुपये का कर मांग नोटिस मिला है. कर मांग आदित्य बिड़ला नुवो और आदित्य बिड़ला फाइनेंशियल सर्विसेज के साथ ग्रासिम इंडस्ट्रीज के विलय के मामले में की गयी है.
ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजार को दी गयी सूचना में कहा कि कंपनी को 15 मार्च, 2019 को आयकर विभाग के उपायुक्त (डीसीआईटी) की ओर से जारी आदेश मिला है, जिसमें लाभांश वितरण कर और ब्याज समेत कुल 5,872.13 करोड़ रुपये की मांग की गयी है.
कंपनी ने कहा कि उपरोक्त आदेश कानूनन तर्कसंगत नहीं है. ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने कहा कि कंपनी द्वारा आदेश के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है. कंपनी ने कहा कि डीसीआईटी ने 11 फरवरी, 2019 को कारणा बताओ नोटिस जारी किया था, उसके बाद एक मार्च 2019 को इसे फिर भेजा गया.
इसमें आयकर अधिनियम 1961 की धारा 115-ओ को धारा 115- क्यू के साथ जोड़ते हुए पूछा गया है कि आदित्य बिड़ला कैपिटल लिमिटेड (एबीसीएल) द्वारा ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयर धारकों को इक्विटी शेयरों के आवंटन पर क्यों न इन प्रावधानों को लागू किया जाये.
उसने कहा कि यह सवाल तीन कंपनियों के बीच हुए मेगा विलय के बाद उठाया गया है. कंपनी ने कहा है कि इन नोटिसों के जवाब में वह पहले ही विस्तृत जवाब दे चुकी है.
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