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Horlicks बनानेवाली GSK को हिंदुस्तान यूनिलीवर ने खरीदा, FMCG सेक्टर की सबसे बड़ी डील

Updated at : 03 Dec 2018 8:19 PM (IST)
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Horlicks बनानेवाली GSK को हिंदुस्तान यूनिलीवर ने खरीदा, FMCG सेक्टर की सबसे बड़ी डील

नयी दिल्ली : साबुन, तेल जैसे रोजमर्रा के उत्पाद बनाने वाली नीदरलैंड की कंपनी यूनिलीवर ने सोमवार को कहा कि वह हॉरलिक्स जैसे उत्पाद बनाने वाली कंपनी ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन (जीएसके) के स्वास्थ्यवर्द्धक पेय और खाद्य कारोबार का अधिग्रहण करेगी. यूनिलीवर, जीएसके के इस श्रेणी के भारत समेत 20 से अधिक एशियाई देशों के कारोबार […]

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नयी दिल्ली : साबुन, तेल जैसे रोजमर्रा के उत्पाद बनाने वाली नीदरलैंड की कंपनी यूनिलीवर ने सोमवार को कहा कि वह हॉरलिक्स जैसे उत्पाद बनाने वाली कंपनी ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन (जीएसके) के स्वास्थ्यवर्द्धक पेय और खाद्य कारोबार का अधिग्रहण करेगी. यूनिलीवर, जीएसके के इस श्रेणी के भारत समेत 20 से अधिक एशियाई देशों के कारोबार का अधिग्रहण 3.1 अरब पौंड में करेगी.

यूनिलीवर की भारतीय इकाई हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन कंज्यूमर हेल्थकेयर लिमिटेड (जीएसकेसीएच इंडिया) का पूरा कारोबार खरीदेगी और यह सौदा शेयरों के लेनदेन से होगा. इसके लिए जीएसकेसीएच इंडिया का मूल्यांकन 31,700 करोड़ रुपये का किया गया है. जीएसकेसीएच इंडिया, स्वास्थ्यवर्द्धक पेय एवं खाद्य श्रेणी में भारतीय बाजार की प्रमुख कंपनी है.

इसके हॉरलिक्स एवं बूस्ट जैसे ब्रांड बेहद लोकप्रिय हैं. यूनिलीवर के अनुसार, इस सौदे में बांग्लादेश समेत 20 अन्य एशियाई बाजारों का कारोबार शामिल है. एचयूएल जहां जीएसकेसीएच इंडिया में शेयरों का लेनदेन करके सौदा करेगी. इसके तहत जीएसके इंडिया के हर शेयर के लिए एचयूएल के 4.39 शेयर आवंटित किये जाएंगे. वहीं, जीएसके बांग्लादेश लिमिटेड में 82 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी जाएगी.

इस सौदे में भारत से बाहर के कुछ वाणिज्यिक परिचालन और परिसंपत्तियां शामिल हैं. एचयूएल ने कहा, इस संबंध में एचयूएल और जीएसके सीएच इंडिया एक निश्चित समझौते पर पहुंच चुके हैं. उसके निदेशक मंडल ने जीएसकेसीएच इंडिया के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है. यूनिलीवर के अध्यक्ष (खाद्य एवं पेय) नितिन परांजपे ने कहा, दुनियाभर में हॉरलिक्स ब्रांड की अपनी विरासत, प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता है.

यह अधिग्रहण हमारे खाद्य एवं पेय कारोबार का विस्तार करेगा और हमें स्वास्थ्यवर्द्धक खाद्य एवं पेय श्रेणी में पहुंच बनाने में मदद करेगा. इस मौके पर एचयूएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजीव मेहता ने कहा, जीएसके इंडिया के साथ इस प्रस्तावित रणनीतिक विलय से हम अपने उत्पादों का दायरा बढ़ायेंगे. अच्छे ब्रांड के साथ हम अपने ग्राहकों की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए नयी श्रेणी में कारोबार करेंगे.

उन्होंने कहा कि अधिग्रहण के बाद कंपनी के खाद्य एवं पेय कारोबार का आकार 10,000 करोड़ रुपये हो जाएगा. मेहता ने कहा, हम देश में खाद्य एवं पेय कारोबार करने वाली सबसे बड़ी कंपनियों में से एक होंगे. बयान के अनुसार, मार्च 2018 को समाप्त वित्त वर्ष में जीएसके इंडिया का कुल कारोबार 4,200 करोड़ रुपये रहा.

इसमें सबसे अहम हिस्सेदारी हॉरलिक्स और बूस्ट ब्रांड की है. जीएसके सीएच इंडिया के साथ विलय में जीएसके सीएच के प्रत्येक शेयर के बदले उसे एचयूएल में 4.39 शेयर कर हिस्सेदारी दी जाएगी. इस प्रकार जीएसके के 100 प्रतिशत शेयर खरीद का मूल्य 31,700 करोड़ रुपये होगा. विलय के बाद नयी बननेवाली कंपनी में एचयूएल में यूनिलीवर की हिस्सेदारी 67.2 प्रतिशत से घटकर 61.9 प्रतिशत रह जाएगी.

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