हरकत में आयी सरकार,जमाखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्ली : मुद्रास्फीति में तेजी के बीच केंद्र ने आज जमाखोरों के खिलाफ कडी कार्रवाई करने को कहा तथा अनाज, फलों व सब्जियों की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए अनेक कदमों की घोषणा की. साथ ही सरकार ने प्याज के निर्यात को नियंत्रित करने के लिये कुछ प्रतिबंध लगा दिया है. आलू के मामले में भी ऐसे ही कदम उठाये जा रहे हैं.

वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक में ये फैसले किए गए. उल्लेखनीय है कि सरकार बढ़ती मुद्रास्फीति पर काबू पाने का प्रयास कर रही है जो कि मई में बढकर 6.01 प्रतिशत हो गई. इन फैसलों के तहत केंद्र ने राज्यों से फलों व सब्जियों को कृषि उत्पादन विपणन समितियों (एपीएमसी) की सूची से हटाने को कहा है. इससे किसान अपने उत्पाद सीधे खुले बाजार में बेच सकेंगे. सरकार ने प्याज पर 300 रये प्रति टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य लगा दिया है.

वाणिज्य मंत्रालय से कहा गया है कि वह इस तरह का कदम आलू के लिए भी उठाए. इसी तरह कीमतों को नरम करने के लिये करीब 50 लाख टन चावल राज्य सरकारों के जरिये खुले बाजारों में जारी किया जाएगा. यह चावल 8.30 रुपये प्रति किलो की दर पर बेचा जाएगा. राज्यों को दाल व खाद्य तेलों के सीधे आयात की अनुमति दी गई है.

बैठक में कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, खाद्य मंत्री रामविलास पासवान, वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल हुई. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव नृपेन्द्र मिश्र समेत शीर्ष अधिकारी भी मौजूद थे. वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि केवल चार या पांच जिंसों के दाम में तेजी आयी है. उन्होंने कहा कि सरकार 22 जिंसों के दाम पर नजर रखे हुए है और उतार-चढ़ाव रोकने के लिये कदम उठाएगी.

बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, इन कदमों में राज्यों को उन क्षेत्रों में जमाखोरों के खिलाफ कडी कार्रवाई करने की सलाह देना भी शामिल है जहां हमें जमाखोरी की आशंका नजर आएगी. उन्होंने कहा कि किसी को भी हालात का बेजा इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

जेटली ने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग को सलाह दी जाएगी कि वे दिल्ली के बारे में फलों व सब्जियों को सूची से हटाने के आदेश जारी कर दे. दिल्ली सरकार को प्याज खरीदकर उसे मदर डेयरी की दुकानों के जरिए बेचने की सलाह दी जाएगी. बाद में खाद्य मंत्री पासवान ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार राज्यों को 50 लाख टन अतिरिक्त चावल खुले बाजार में 8.3 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचने के लिए उपलब्ध कराएगी. सब्जियों, फलों तथा अनाज के दाम बढ़ने से मुद्रास्फीति मई में बढ़कर 6.01 प्रतिशत हो गयी जो पांच महीने का उच्च स्तर है.

मानसून के सामान्य से कम रहने तथा इराक में हिंसा की घटना से जिंस और तेल बाजारों पर पडने वाले असर के कारण कीमत स्थिति और बिगड सकती है. रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि अगले कुछ महीनों तक केंद्रीय बैंक का जोर मुद्रास्फीति को काबू में करने पर होगा. उपभोक्ता मामलात मंत्रालय ने बाद में जारी एक बयान में कहा कि दूध की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर इसके निर्यात पर दिए जा रहे प्रोत्साहन रोकने पर विचार का फैसला किया गया है.

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