39 लाख पर 41 लाख राशन कार्ड

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Jan 2015 6:45 AM

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जलपाईगुड़ी: डिजिटल राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया के तहत जलपाईगुड़ी व अलीपुरद्वार जिले को मिला कर करीब डेढ़ लाख नकली राशन कार्ड रद्द किये जा सकते हैं. पिछले साल दिसंबर महीने तक दोनों जिलों लगभग 82 प्रतिशत राशन कार्ड को डिजिटल बना दिया गया है. खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया […]

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जलपाईगुड़ी: डिजिटल राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया के तहत जलपाईगुड़ी व अलीपुरद्वार जिले को मिला कर करीब डेढ़ लाख नकली राशन कार्ड रद्द किये जा सकते हैं. पिछले साल दिसंबर महीने तक दोनों जिलों लगभग 82 प्रतिशत राशन कार्ड को डिजिटल बना दिया गया है.

खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के लिए राशन कार्डो को डिजिटल किया जा रहा है.अधिकारियों ने आगे बताया कि राशन कार्ड के डिजिटल होने से दोनों जिले को मिला कर चार से पांच प्रतिशत नकली राशन कार्ड रद्द कर दिये जायेंगे. इस प्रक्रिया में डेढ़ लाख नकली राशन कार्ड रद्द हो जायेंगे. इस प्रक्रिया के माध्यम से राशन व्यवस्था स्वच्छ होगी. साथ ही सरकारी सब्सिडी भी कम होगी.

अधिकारियों ने कहा कि पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद ग्राहकों को डिजिटल राशन कार्ड दिया जायेगा. भूमि व भूमि सुधार विभाग के अनुसार, 2011 के जनगणना के तहत जलपाईगुड़ी व अलीपुरद्वार जिले में करीब 39 लाख की आबादी है. इसके बावजूद दोनों जिलों में करीब 41 लाख राशन कार्ड हैं. आबादी की तुलना में दो लाख राशन कार्ड ज्यादा है. अतिरिक्त कार्डो के लिए सरकार को नियमित रूप से अतिरिक्त राशन आवंटित करना पड़ता है.

जिससे राज्य सरकार के लाखों रुपये का चूना लग रहा है. यहां उल्लेखनीय है कि राज्य में सत्ता में आने के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस सरकार नकली रॉशन कार्डो को रद्द करने में तत्पर हुई. 2013 से राशन कार्ड को कंप्यूटर के जरिये डिजीटल करने की प्रक्रिया शुरू हुई है. 28 सितंबर से जलपाईगुड़ी व अलीपुरद्वार जिले में भी राशन कार्डो को डिजीटल बनाने का काम शुरू हुआ.

अब तक जलपाईगुड़ी व अलीपुरद्वार जिले को मिला कर करीब 33 लाख (82 प्रतिशत)राशन कार्डो को हाल ही में डिजिटल कर दिया गया है. इस काम में लगे कर्मचारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान कई नकली राशन कार्ड के बारे में पता चला है. डिजिटल करने की प्रक्रिया के माध्यम से आसानी से इन कार्डो को चिह्न्ति करना संभव हो रहा है. कर्मचारियों ने यह भी बताया कि कई परिवार के सदस्य बाहर रहते हैं. किसी की मृत्यु हो चुकी है. फिर भी उनके नाम पर राशन उठाया जा रहा है. राशन कार्ड के डिजिटल होने से इस तरह के कार्डो की पहचान कर उसे रद्द किया जा सकता है.

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