World Hindi Day 2024 आज, जानें राजभाषा से जुड़ी कुछ खास बातें

Published by : Shaurya Punj Updated At : 10 Jan 2024 6:10 AM

विज्ञापन

World Hindi Day 2024 know amazing and unknown facts: हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है. हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा है.यह दुनिया भर में 600 मिलियन लोगों द्वारा बोली जाती है. जानें विश्व हिंदी दिवस 2023 मनाने का इतिहास और महत्व. विश्‍व हिंदी दिवस से राष्‍ट्रीय हिंदी दिवस कैसे अलग है?

विज्ञापन

World Hindi Day 2024: आज यानी 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस है.हिंदी देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में तेजी से उभरती हुई भाषाओं में से एक है. भारत के अलावा मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम, गुयाना, त्रिनिदाद एवं टोबैगो और नेपाल समेत कई अन्‍य देशों में भी हिंदी का अच्‍छा खासा चलन है. यहां जानें हिंदी से जुड़ीं कुछ अनसुनी बातें

हिंदी से जुड़ी कुछ खास बातें

  • हिंदी को इसका नाम फारसी शब्द हिंद से मिला है, जिसका अर्थ है “सिंधु नदी की भूमि”.

  • 14 सितंबर 1949 को भारत सरकार ने हिंदी भाषा को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया. इसे मनाने के लिए, हम 14 सितंबर को “हिंदी दिवस” ​​मनाते हैं.

  • भारतीय संविधान का भाग XVII राजभाषा के बारे में बात करता है. अनुच्छेद 343 के तहत, संघ की आधिकारिक भाषा को मंजूरी दी गई है, जिसमें देवनागरी लिपि में हिंदी और अंग्रेजी शामिल है.

  • 1965 में हिंदी केंद्र सरकार की एकमात्र कामकाजी भाषा बन गई.

  • यह फिजी में एक आधिकारिक भाषा है और सूरीनाम, गुयाना, मॉरीशस और त्रिनिदाद में हिंदी को एक क्षेत्रीय भाषा के रूप में स्वीकार किया जाता है.

  • बिहार उर्दू की जगह हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने वाला पहला राज्य था.

  • श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे अन्य देशों में हिंदी का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है.

  • मंदारिन चीनी, स्पेनिश और अंग्रेजी के बाद हिंदी को दुनिया की चौथी सबसे अधिक बोली जाने वाली पहली भाषा माना जाता है.

  • हिंदी भाषा से संबंधित प्रावधानों को केंद्रीय हिंदी निदेशालय, भारत सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाता है.

  • लगभग 77% भारतीय हिंदी पढ़, लिख, बोल या समझ सकते हैं.

  • पहला हिंदी टाइपराइटर 1930 के दशक के दौरान लॉन्च किया गया था.

  • हिंदी प्राचीन भारतीय भाषा “संस्कृत” का प्रत्यक्ष वंशज है.

  • हिंदी की वर्णमाला तालिका को ‘वर्णमाला’ अर्थात ‘अक्षरों की माला’ कहा जाता है.

  • 1913 में, दादा साहब फाल्के द्वारा पहली हिंदी फिल्म, राजा हरिश्चंद्र रिलीज़ की गई थी.

  • हिंदी का कोई भी अक्षर उल्टे लिखे जाने पर भी भ्रम नहीं देता है या कोई दर्पण प्रतिबिम्ब नहीं दिखाता है.

  • दुनिया भर में कुल 176 विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जाती है. जिनमें से अकेले 45 विश्वविद्यालय अमेरिका से हैं.

  • हिंदी भाषा में ‘a’, ‘an’ और ‘the’ जैसे लेखों की कोई आवश्यकता नहीं है.

  • अगर आप हिंदी जानते हैं तो आप नेपाली भाषा को आसानी से पढ़ सकते हैं.

  • ‘योग’, ‘कर्म’, ‘खाकी’, ‘पायजामा’ और ‘मंत्र’ जैसे शब्द हिंदी से लिए गए हैं.

विश्व हिंदी दिवस से अलग है राष्ट्रीय हिंदी दिवस

हिदी दिवस साल में दो बार 10 जनवरी और 14 सितंबर को मनाया जाता है. पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार ने 14 सितंबर को हिंदी दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा संसद में की. आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 को मनाया गया था.वहीं, हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाने के पीछे की वजह ये है कि भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा 10 जनवरी 2006 को विश्व हिंदी दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा की गई थी. इस दिन के इतिहास की बात करें, तो पहला विश्‍व हिंदी सम्‍मेलन नागपुर (महाराष्ट्र) में 10 जनवरी 1975 में आयोजित किया गया था.

176 विश्वविद्यालयों में हिंदी की पढ़ाई

दुनिया के 176 विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जाती है, जिसमें से 45 विश्वविघालयों अमेरिका के है. इतना ही नही विदेश में 25 से ज्यादा पत्र-पत्रिकाएं रोज हिंदी में निकलती है.

अंग्रेजी के ये शब्द लिए गए हिंदी से

गुरू, जंगल, कर्मा, योगा, बंगला, चीता, लूट, ठग और अवतार जैसे अंग्रेजी में जैसे प्रचलित शब्द हिंदी भाषा में लाए गए.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola