Christmas 2020 : गुरुवार की रात जन्म लेंगे प्रभु यीशु, धनबाद के चर्च में होगी विशेष प्रार्थना

Christmas 2020, Jharkhand news, Dhanbad news, धनबाद (मनोज रवानी) : ईसाई समुदाय का सबसे बड़ा पर्व क्रिसमस 25 दिसंबर को है. कैरोल गाकर प्रभु यीशु के आगमन की सूचना घर-घर दी जा रही है. 24 दिसंबर की रात 12 बजते ही मसीह समाज के लोग यीशु के जन्म के जश्न में डूब जाएंगे. इस दौरान केक कटेगा. हालांकि, कोरोना के कारण इस बार चर्च में भव्य आयोजन नहीं किया जा रहा है. आयोजन को लेकर संत मेरी चर्च में आकर्षक विद्युत सज्जा की गयी है. 25 दिसंबर की सुबह से ही सेलिब्रेशन का दौर चलेगा.
Christmas 2020, Jharkhand news, Dhanbad news, धनबाद (मनोज रवानी) : ईसाई समुदाय का सबसे बड़ा पर्व क्रिसमस 25 दिसंबर को है. कैरोल गाकर प्रभु यीशु के आगमन की सूचना घर-घर दी जा रही है. 24 दिसंबर की रात 12 बजते ही मसीह समाज के लोग यीशु के जन्म के जश्न में डूब जाएंगे. इस दौरान केक कटेगा. हालांकि, कोरोना के कारण इस बार चर्च में भव्य आयोजन नहीं किया जा रहा है. आयोजन को लेकर संत मेरी चर्च में आकर्षक विद्युत सज्जा की गयी है. 25 दिसंबर की सुबह से ही सेलिब्रेशन का दौर चलेगा.
संत मेरी चर्च स्टेशन रोड में 24 दिसंबर की शाम 6 बजे से कार्यक्रम की शुरुआत होगी. प्रभु यीशु का जन्म दिवस मनाया जायेगा. इसमें करीब 150 लोग शामिल होंगे. इसमें प्रवेश प्रार्थना रेव डीकन एसएल बोदरा करेंगे. प्रोसेशन गीत व दरा पाठ आदि कार्यक्रम होंगे. इसके बाद फिर रात 11 बजे से प्रवेश प्रार्थना, प्रोसेशन गीत, सुसमाचार, आशीर्वचन समेत अन्य धार्मिक कार्यक्रम होंगे. दूसरे दिन 25 दिसंबर को सुबह 7.30 बजे से प्रार्थना सभा होगी.
संत अंथोनी चर्च में इस बार कोई विशेष आयोजन नहीं हो रहा है. कोरोना को देखते हुए न आकर्षक विद्युत सज्जा की गयी है और न 24 दिसंबर की रात यहां भीड़ जुटेगी. फादर ज्ञान प्रकाश टोपनो ने कहा कि प्रभु के जन्म का आयोजन छोटे स्तर पर ही होगा. 25 दिसंबर की सुबह से प्रार्थना सभा होगी. लोगों की अधिक भीड़ नहीं हो इसके लिए 4 अलग-अलग समय में प्रार्थना शुरू होगी. पहली प्रार्थना 25 दिसंबर की सुबह 7 बजे हिंदी में होगी. इसके बाद दूसरी बार प्रार्थना 7.30 बजे होगी. तीसरी प्रार्थनी अंग्रेजी में 8.45 बजे से होगी. चौथी बार प्रार्थना फिर से हिंदी में 9.15 बजे होगी. हर प्रार्थना के खत्म होने के बाद इसमें शामिल सभी लोग घर जायेंगे, ताकि अधिक भीड़ नहीं जुटे.
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संत अंथोनी चर्च के फादर ज्ञान प्रकाश टोपनो कहते हैं कि प्रभु यीशु का जन्म खुशी का, आशा, शांति का संदेश लेकर आता है. खुशी इसलिए कि एक बालक का जन्म हुआ है, तो हमारे कष्टों को हर लेगा. आशा यानी बालक रूप में प्रभु यीशु ने जन्म लिया है. आगे चलकर ये सभी की भलाई के लिए काम करेंगे. आशा यानी ईश्वर ने उपहार के तौर पर प्रभु यीशु को हमें दिया है. इसलिए लोग भी एक-दूसरे को गिफ्ट देकर यह मानते हैं कि हम भी आप के लिए यहां हैं. लोगों को हमेशा साथ रहना चाहिए. एक-दूसरे घृणा नहीं करनी चाहिए. कोरोना को देखते हुए लोग अपने घरों में रहें.
संत मेरी चर्च, स्टेशन रोड के पादरी थॉमस कहते हैं कि 24 दिसंबर को प्रभु यीशु के जन्म का दिन है. यह खुशी का पैगाम लेकर आया है. प्रभु ख्रीस्त का जन्म दिवस मशी लोग मनाते हैं. पापियों को पाप से बचाने के लिए शांति देने, अनंत जीवन देने के लिए प्रभु का जन्म हुआ है. सभी लोग मिल कर रहे और दिवस को मनाए. चर्च में सभी लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करें.
Posted By : Samir Ranjan.
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