आधा भारत नहीं जानता नॉर्मल फोन से महंगे क्यों होते हैं फोल्डेबल स्मार्टफोन? जानिए कीमत के पीछे छुपी पूरी टेक्नोलॉजी

Foldable Smartphones: फोल्डेबल स्मार्टफोन की ऊंची कीमत क्यों होती है? जानिए डिस्प्ले, हिंज टेक्नोलॉजी, रिसर्च और प्रोडक्शन कॉस्ट से जुड़ी पूरी सच्चाई

Foldable Smartphones: पिछले कुछ वर्षों में फोल्डेबल स्मार्टफोन ने मोबाइल बाजार में अलग पहचान बना ली है. अनोखा डिजाइन, बड़ीस्क्रीन और भविष्य जैसी तकनीक इन्हें खास बनाती है, लेकिन इनकी कीमत आम स्मार्टफोन से कई गुना ज्यादा है. यही सवाल आज ज्यादातर यूजर्स के मन में है कि आखिर फोल्डेबल फोन इतने महंगे क्यों होते हैं और क्या इनकी कीमत वाकई टेक्नोलॉजी के हिसाब से जायज है. यह रिपोर्ट उन्हीं कारणों को आसान भाषा में समझाती है, जो सीधे तौर पर आपकी जेब से जुड़े हैं.

फोल्डेबल फोन की शुरुआत और बदलता बाजार

फोल्डेबल स्मार्टफोन कोई साधारण ट्रेंड नहीं, बल्कि मोबाइल इंडस्ट्री की अगली बड़ी छलांग माने जाते हैं. शुरुआती दौर में इन्हें केवल टेक डेमो के तौर पर देखा गया, लेकिन अब ये प्रीमियम सेगमेंट की पहचान बन चुके हैं. कंपनियों ने इन्हें उन यूजर्स के लिए पेश किया है, जो फोन और टैबलेट का अनुभव एक ही डिवाइस में चाहते हैं. यही वजह है कि इनका बाजार अभी सीमित है और कीमत पर इसका सीधा असर दिखता है.

आकर्षण के साथ बड़ी कीमत

फोल्डेबल फोन देखने में जितने आकर्षक हैं, खरीदने में उतने ही भारी पड़तेहैं. आम यूजर के लिए इनकी कीमत एक बड़ा फैसला बन जाती है. हालांकि, मल्टीटास्किंग, बड़ीस्क्रीन और प्रीमियम फील ऐसे फायदे हैं जो टेक-सेवी यूजर्स को लुभाते हैं. दूसरी तरफ, ऊंची कीमत और मरम्मत का खर्च कई लोगों को अभी भी दूरी बनाए रखने पर मजबूर करता है.

डिस्प्ले और हिंज: कीमत बढ़ाने वाली असली तकनीक

फोल्डेबल स्मार्टफोन की सबसे महंगी चीज उसकी फ्लेक्सिबल डिस्प्ले होती है. यह सामान्य ग्लास नहीं, बल्कि अल्ट्रा-थिन और खास लेयर्स से बनी स्क्रीन होती है, जिसे बार-बार मोड़ा जा सके. इसके साथ जुड़ाहिंज सिस्टम भी बेहद एडवांस इंजीनियरिंग का नतीजा होता है. हजारों बार फोल्ड और अनफोल्ड होने के बाद भी स्मूद काम करना इस मेकैनिज्म को महंगा बना देता है, और यही लागत फोन की कीमत में जुड़ जाती है.

रिसर्च और डेवलपमेंट है महंगे होने की वजह

टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट मानते हैं कि फोल्डेबल फोन की ऊंची कीमत का बड़ा कारण रिसर्च और डेवलपमेंट है. कंपनियां इन डिवाइसेज को ज्यादा टिकाऊ और भरोसेमंद बनाने के लिए सालों तक टेस्टिंग करती हैं. इसके अलावा, सीमित प्रोडक्शन और प्रीमियम मटेरियल भी लागत बढ़ाते हैं. इंडस्ट्री का मानना है कि जब यह तकनीक बड़े पैमाने पर अपनाई जाएगी, तब कीमतों में संतुलन आएगा.

क्या सस्ते होंगे फोल्डेबल स्मार्टफोन?

आने वाले वर्षों में जैसे-जैसे फोल्डेबल टेक्नोलॉजी आम होगी और ज्यादा कंपनियां इस सेगमेंट में उतरेंगी, कीमतों में गिरावट की उम्मीद है.बड़े स्तर पर प्रोडक्शन और बेहतर मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस से लागत कम हो सकती है. फिलहाल, फोल्डेबल स्मार्टफोन प्रीमियम कैटेगरी में बने रहेंगे, लेकिन भविष्य में ये आम यूजर्स की पहुंच में आ सकते हैं.

यह भी पढ़ें: आधा भारत नहीं जानता आईफोन में ‘आई’ का मतलब, जानकर चौंक जाएंगे आप

यह भी पढ़ें: आधा भारत नहीं जानता ऑनलाइन रेलवे टिकट क्यों पड़ता है ऑफलाइन से महंगा? खुल गया असली राज

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >