गर्मी आते ही AC सर्विस कराने का सीजन भी शुरू हो जाता है. लेकिन जैसे ही टेक्नीशियन घर आता है, एक लाइन लगभग हर बार सुनने को मिलती है- सर, AC का गैस लीक है… रिफिल कराना पड़ेगा. सवाल ये है कि क्या सच में हर बार गैस लीक होती है, या फिर इसके पीछे कोई और कहानी भी है?
असल समस्या यही है कि ज्यादातर घर मालिकों को यह पता ही नहीं होता कि उनके AC में गैस प्रेशर का सही लेवल कितना होना चाहिए. इसी वजह से यह समझना मुश्किल हो जाता है कि टेक्नीशियन सच में लीकेज बता रहा है या सिर्फ गैस रिफिल बेचने की कोशिश कर रहा है. और यहीं से शुरू होता है AC गैस लीक वाला आम स्कैम.
कैसे होता है AC गैस लीक स्कैम?
आप अपनी AC की रूटीन सर्विस बुक करते हैं. चाहे किसी लोकल टेक्नीशियन से या फिर किसी ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर से. टेक्नीशियन आपके घर आता है और सफाई का काम शुरू कर देता है. सब कुछ बिल्कुल नॉर्मल लगता है. काम के बीच में अचानक आपको बताया जाता है कि AC में गैस लीक है और तुरंत रिफिल करानी पड़ेगी. अब ये सुनते ही लोग तुरंत इसकी कीमत पूछते हैं. टेक्नीशियन एक मोटी रकम बताता है. थोड़े मोल-भाव के बाद लोग सोचते हैं कि चलो ठीक है, करवा लेते हैं. टेक्नीशियन गैस रिफिल करने का दावा करता है और काम खत्म होते ही आपसे पैसे लेकर चल बनता है.
तो फिर इसका सही समाधान क्या है?
इस समस्या से निपटने का सबसे आसान तरीका है कि आप अपने AC के लिए जरूरी सही गैस प्रेशर लेवल को समझ लीजिए. जब प्रेशर सही रहता है, तभी AC ठीक से और बढ़िया तरीके से काम करता है. आइए जानते हैं 1.5 टन के AC के लिए गैस प्रेशर की नॉर्मल रेंज किस तरह होती है.
| Refrigerant | Running Pressure (PSI) | Close Pressure (PSI) |
|---|---|---|
| R32 | 130-140 | 240-280 |
| R410 | 130-140 | 240-280 |
| R22 | 60-65 | करीब 150 |
इस जानकारी का इस्तेमाल करके खुद को कैसे सेफ रखें?
AC की सर्विसिंग शुरू होने से पहले एक छोटा-सा स्मार्ट कदम जरूर उठाएं. सबसे पहले अपना AC चालू करें और टेक्नीशियन से कहें कि यूनिट चलते समय गैस प्रेशर चेक करें. अब जो रीडिंग आए, उसे टेबल में दिए गए रनिंग प्रेशर (Running Pressure) से मिलाइए. इसके बाद AC बंद करवाएं और फिर से प्रेशर रीडिंग नोट करें. इस बार इसे क्लोज प्रेशर (Close Pressure) रेंज से मैच करें. अगर दोनों रीडिंग तय सीमा के अंदर हैं, तो समझ लीजिए कि गैस रिफिल की जरूरत शायद नहीं है.
याद रखें, सिर्फ इन नंबरों की जानकारी होना भी आपको फायदा देता है. जब टेक्नीशियन को पता होता है कि आपको सही प्रेशर रेंज की समझ है, तो बेवजह गैस भरवाने की सलाह देने की संभावना काफी कम हो जाती है.
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