कृष्णेंदु व सावित्री को शपथ ग्रहण का न्योता नहीं मिला

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 May 2016 2:07 AM

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मालदा. मालदा जिले के दो पूर्व मंत्रियों कृष्णेंदु चौधरी और सावित्री मित्र को नयी सरकार के शपथ ग्रहण का न्योता नहीं भेजा गया. जिले के किसी अन्य तृणमूल नेता को भी नहीं बुलाया गया. इतना ही नहीं, कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास पर हुई चुनाव बाद बैठक में जिले की रिपोर्ट की समीक्षा की […]

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मालदा. मालदा जिले के दो पूर्व मंत्रियों कृष्णेंदु चौधरी और सावित्री मित्र को नयी सरकार के शपथ ग्रहण का न्योता नहीं भेजा गया. जिले के किसी अन्य तृणमूल नेता को भी नहीं बुलाया गया. इतना ही नहीं, कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास पर हुई चुनाव बाद बैठक में जिले की रिपोर्ट की समीक्षा की गयी जिसके बाद जिले के पांच नेताओं की कड़ी आलोचना की गयी. इसमें मंत्री रहे जिले के दो पूर्व विधायक भी शामिल हैं. जिले के नेताओं के सामने यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अब मालदा की जिले की बागडोर खुद ममता बनर्जी संभालेंगी.
अन्य जिलों के साथ ही मालदा जिले के नेताओं को भी तृणमूल की शीर्ष नेता ममता बनर्जी ने कालीघाट स्थित अपने घर में बुलाया था. इस बैठक में मालदा के दोनों पराजित मंत्रियों कृष्णेंदु चौधरी और सावित्री मित्र को नहीं बुलाया गया. बुधवार को हुई इस बैठक में मालदा से तृणमूल जिला अध्यक्ष मोअज्जम हुसेन, पराजित उम्मीदवार ताजमुल हसन (हरिश्चंद्रपुर) तथा आबु नासेर खान चौधरी उर्फ लेबू (सुजापुर), महिला संगठन की नेता चैताली सरकार और युवा संगठन के नेता अम्लान भादुड़ी को बुलाया गया था.
पार्टी सूत्रों ने बताया कि बैठक में तृणमूल सुप्रीमो जिले के नेताओं से नाराज दिखीं. यहां तक कि जिले की कोर कमिटी और अन्य कमिटियों को भंग कर दिया गया है. जिले की सभी 12 विधानसभा सीटों पर पार्टी की पराजय को लेकर बैठक के दौरान ममता बनर्जी कई बार गुस्से से फट पड़ीं.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक मालदा जिले के दोनों पूर्व मंत्रियों कृष्णेंदु चौधरी और सावित्री मित्र को शपथ ग्रहण समारोह का न्योता नहीं दिया गया. यहां तक कि जो लोग मुख्यमंत्री के साथ बैठक के लिए कोलकाता गये थे उन्हें भी न्योता नहीं दिया गया और वे शपथ ग्रहण में शामिल हुए बिना एक दिन पहले ही गुरुवार को मालदा लौट आये. पार्टी सूत्र बताते हैं कि दोनों पराजित मंत्री ममता दीदी से मिलने कोलकाता गये थे. लेकिन उन्हें मिलने तक की अनुमति नहीं दी गयी.

दोनों बैरंग वापस मालदा लौट आये. राज्य तृणमूल नेतृत्व से जुड़े सूत्र बताते हैं कि मालदा में पार्टी की नौका डूबने को लेकर ममता दीदी ने कम से कम चार बार नाराजगी जाहिर की. उनका रौद्र रूप देखकर जिले के नेतागण सहमे हुए बैठे रहे. जिला अध्यक्ष मोअज्जम हुसेन बोलने के लिए खड़े हुए लेकिन उनके मुंह से दो-चारा लाइन सुनने के बाद ही ममता दीदी ने उन्हें बैठा दिया. कहा, फिलहाल आप अगली व्यवस्था होने तक काम देखिए. फिर देखते हैं. मालदा को लेकर अन्य चिंता भी है. तभी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सुब्रत बक्सी को लक्ष्य करके ममता दीदी ने कहा कि लेबू दा, ताजमुल और अम्लान को पार्टी के काम में लगाइए.

शपथ ग्रहण समारोह का आमंत्रण नहीं मिलने से जिले के तृणमूल नेता हताश हैं. हालांकि सामने वे जरूर कहते हैं कि पार्टी की नेता ने जो ठीक समझा वह किया है.
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