पांच हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गये एएलसी को मिली चार साल कारावास की सजा

Updated at : 16 May 2024 9:55 PM (IST)
विज्ञापन
पांच हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गये एएलसी को मिली चार साल कारावास की सजा

पांच हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गये सहायक श्रम आयुक्त (सेंट्रल) दुर्गापुर कार्यालय के पूर्व सहायक श्रमायुक्त (एएलसी) प्रभुलाल मीणा को अदालत से गुरुवार को चार साल कारावास और तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी.

विज्ञापन

आसनसोल.

पांच हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गये सहायक श्रम आयुक्त (सेंट्रल) दुर्गापुर कार्यालय के पूर्व सहायक श्रमायुक्त (एएलसी) प्रभुलाल मीणा को अदालत से गुरुवार को चार साल कारावास और तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी. जुर्माना नहीं देने पर कारावास की अवधि तीन माह और बढ़ाने का आदेश दिया गया. सीबीआइ की विशेष अदालत आसनसोल के न्यायाधीश राजेश चक्रवर्ती ने आरोपी को पीसी एक्ट की धारा सात और 13 के तहत दोषी करार देते हुए धारा सात में तीन साल के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 13 में चार साल के कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी. जुर्माना नहीं भरने की सूरत में दोनों धाराओं में कारावास की अवधि तीन-तीन माह करके बढ़ जायेगी. दोनों ही सजाएं एक साथ चलेंगी. सजा सुनाते ही अदालत में मौजूद आरोली प्रभुलाल मीणा को गिरफ्तार करके जेल में भेज दिया गया. सरकारी पक्ष के वरिष्ठ लोक अभियोजक राकेश कुमार ने बताया कि कुल 14 गवाहों के बयानों और सबूतों के आधार पर अदालत ने अपना फैसला सुनाया. लंबे समय तक चले इस मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने काफी दलीलें दीं. लेकिन वरिष्ठ लोक अभियोजक श्री कुमार के तर्क के आगे सारे बेकार साबित हुए और अदालत ने आरोपी को सजा सुनायी. गौरतलब है कि 17 अप्रैल 2008 को दुर्गापुर के तत्कालीन एएलसी प्रभुलाल मीणा को सीबीआइ एसीबी कोलकाता की टीम ने पांच हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. जिसके उपरांत पीसी एक्ट की धारा सात और 13 के तहत मामला दर्ज हुआ था. इस मामले में अदालत ने 16 साल बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनायी. सीबीआइ सूत्रों के अनुसार रेडिएंट सिक्युरिटी नामक एक संस्था के लाइसेंस रिन्युअल के लिए एएलसी प्रभुलाल मीणा ने पैसे के लिए काफी परेशान किया. घूस की राशि नहीं मिलने तक लाइसेंस रिन्युअल का कार्य ठंडे बस्ते में डाल दिया था. जिसकी शिकायत संस्था ने सीबीआइ में की और शिकायत के आधार पर एएलसी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया. जिसमें वह फंस गये. शिकायतकर्ता को घूस के पांच हजार रुपये नकद के साथ उनके पास भेजा गया और वह पैसे लेते रंगे हाथों पकड़ा गये. मामले में 14 लोगों ने गवाही दी थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola