Table of Contents
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस की नेता और लोकसभा से निलंबित सांसद महुआ मोईत्रा ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर एक बार फिर चुनाव आयोग पर हमला बोला है. ममता बनर्जी की महिला ब्रिगेड की नेता महुआ मोईत्रा ने कहा है कि पश्चिम बंगाल को गैरकानूनी तरीके से और खुलकर निशाना बनाया जा रहा है.
भाजपा के निर्देश पर इलेक्शन कमीशन के अधिकारी कर रहे गड़बड़ी – महुआ
टीएमसी की फायरब्रांड महिला नेता ने आरोप लगाया कि यह सब चुनाव आयोग के प्रशिक्षित अधिकारी कर रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निर्देश पर कर रहे हैं. सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिये महुआ मोईत्रा ने ये आरोप लगाये हैं.
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हो रहा है उल्लंघन
महुआ ने लिखा कि चुनाव आयोग रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपुल्स ऐक्ट 1950 (आरपी एक्ट) और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है. उन्होंने कहा है कि ऐसा सिर्फ बंगाल के साथ हुआ है, जबकि अन्य राज्यों में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं देखी गयी.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
West Bengal Politics: SIR में पक्षपात का आरोप लगा रही बंगाल की पार्टियां
उनके इस पोस्ट को पश्चिम बंगाल में एसआईआर से जुड़ी प्रक्रिया के बीच एक और विवाद के रूप में देखा जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस सहित भाजपा विरोधी कई दलों का आरोप है कि एसआईआर को राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण तरीके से लागू किया गया है.
कृष्णानगर की सांसद महुआ मोईत्रा को 2023 में कर दिया गया था निलंबित
महुआ मोईत्रा पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर लोकसभा सीट से 17वीं संसद के लिए चुनी गयीं थीं. वर्ष 2023 में लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने ‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले में उनकी सदस्यता निलंबित कर दी थी. 8 दिसंबर 2023 को महुआ मोईत्रा को संसद की सदस्यता के लिए अयोग्य करार दिये जाने के बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई थी.
इसे भी पढ़ें
SIR Bengal: बंगाल सरकार को एसआईआर में करना ही होगा सहयोग, बोले किरण रिजीजू
SIR पर कलकत्ता हाईकोर्ट में हाई लेवल मीटिंग, 9 मार्च तक लीगल ऑफिसर्स की छुट्टियां रद्द
SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बंगाल में तैनात होंगे लीगल ऑफिसर, 28 को जारी होगा वोटर लिस्ट
