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West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित नेता पार्थ चटर्जी 3 साल से अधिक समय के बाद अपने विधानसभा क्षेत्र बेहला पश्चिम पहुंचे एसएससी भर्ती घोटाले में गिरफ्तार होने के बाद जेल से जमानत पर रिहाई के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक दौरा था.
अर्पिता चटर्जी के घर से मिले थे 50 करोड़ रुपए
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 23 जुलाई 2022 को पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया था. उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट से कथित तौर पर 50 करोड़ रुपए नकद बरामद होने के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी. इस मामले में पार्थ चटर्जी करीब 3 साल 3 महीने तक जेल में रहे. पिछले वर्ष नवंबर में उन्हें जमानत मिली थी.
मैंने व्यक्तिगत रूप से अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया. लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए मेरा कार्यालय भी पूरे समय खुला रहा. प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहें.
पार्थ चटर्जी, विधायक, बेहला पश्चिम
नाकतला में पार्थ चटर्जी ने की पत्रकारों से बात
शनिवार को दक्षिण कोलकाता के नाकतला स्थित अपने आवास से निकलते समय पार्थ चटर्जी ने पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर अपने क्षेत्र के लोगों से मिलने, उनकी समस्याएं सुनने और उनके साथ संबंधों को फिर से मजबूत करने के लिए निकले हैं. इसके लिए इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता.
- 50 करोड़ रुपए मिले थे अर्पिता चटर्जी के फ्लैट से
- 39 महीने तक जेल में बिताये पार्थ चटर्जी ने
- नवंबर 2025 में पार्थ चटर्जी को मिली थी जमानत
कार्यकर्ताओं और आम लोगों से मिले पार्थ
ममता बनर्जी के बेहद करीबी नेता रहे पार्थ चटर्जी ने बेहला पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों से मुलाकात की. उन्होंने बताया कि उनके कार्यालय को लगातार खुला रखा गया था, ताकि लोगों की शिकायतें सुनी जा सकें. प्रशासन ने भी यह सुनिश्चित किया कि क्षेत्र में सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहें.
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West Bengal Elections 2026 पर बोले पार्थ- यह मेरे हाथ में नहीं
हालांकि, आगामी विधानसभा चुनाव 2026 में दोबारा इसी सीट से चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कोई जवाब देने से इनकार कर दिया. पार्थ चटर्जी ने कहा – यह मेरे हाथ में नहीं है.
सक्रिय राजनीति से लंबे समय तक दूर रहे पार्थ चटर्जी
एसएससी भर्ती घोटाला सामने आने के बाद उनको जेल जाना पड़ा और उसके बाद से पार्थ चटर्जी सक्रिय राजनीति से दूर हो गये थे. इसलिए उनकी वापसी को राजनीतिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब उनके क्षेत्र में लौट आने के बाद आगामी चुनावी समीकरणों पर भी नजर रखी जा रही है.
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