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Mamata Banerjee: कोलकाता. पश्चिम बंगाल में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. एक ओर जहां चुनाव आयोग वोटर लिस्ट को फाइनल करने में लगा है, वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची तैयार करने में लगी है. इस बार पार्टी बड़े पैमाने पर उम्मीदवारों की सूची में बदलाव करने की तैयारी में है. पार्टी इस साल करीब 40 पुराने विधायकों का पत्ता साफ हो सकता है. कई दिग्गजों की सीट बदल सकती है. पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी नये चेहरों को अधिक से अधिक मौका देने का मन बना चुकी है. ऐसे में वर्तमान विधायकों की धड़कन तेज है. किसे टिकट मिलेगा और किसका पत्ता साफ होगा, इसको लेकर चर्चाएं होने लगी है.
अब तक हो चुकी हैं दो बैठकें
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पार्टी यानी टीएमसी ने विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर दो दौर की अहम बैठकें हो चुकी हैं. इन बैठकों में संभावित उम्मीदवारों, सीटों के फेरबदल और संगठनात्मक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई. पार्टी की ओर से संकेत मिल रहे हैं कि इस बार पार्टी बड़े और चौंकाने वाले फैसले ले सकती है. चर्चा है कि कई अनुभवी मंत्रियों और विधायकों की सीटें बदली जा सकती हैं, तो कुछ का टिकट भी कट सकता है. पार्टी इस बार एक तिहाई सीट नये चेहरों को देने पर विचार कर रही है.
अनुभव और ताजगी का मिश्रण
ममता बनर्जी इस बार उम्मीदवारों की सूची में अनुभव और ताजगी दोनों का मिश्रण चाहती हैं. ममता बनर्जी कई इलाकों में पैदा हुई एंटी-इनकम्बेंसी को कम करने के लिए लंबे समय से एक ही सीट से चुनाव जीत रहे विधायकों को नई सीट से उतार सकती है या फिर उनका पत्ता काट सकती हैं. पार्टी के लोगों का कहना है कि कुछ वरिष्ठ मंत्रियों की सीटें भी बदल सकती हैं. इसके पीछे मकसद स्थानीय स्तर पर नई ऊर्जा भरना बताया जा रहा है. कुछ विधायकों को दोबारा टिकट न देने पर भी मंथन हुआ है. ऐसे नेताओं को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देकर पार्टी संरचना मजबूत करने की योजना है.
सेलिब्रिटी और प्रोफेशनल चेहरों पर नजर
नये चेहरों को लेकर पार्टी की सोच स्पष्ट है. पार्टी की बैठकों में इस बात पर भी चर्चा हुई कि इस बार टीएमसी की सूची में सेलिब्रिटी, मीडिया और प्रोफेशनल पृष्ठभूमि से जुड़े नए चेहरे शामिल किए जाये. पार्टी का मानना है कि बदलते राजनीतिक माहौल में वोट दिलानेवाले चेहरे जरूरी हैं. केवल ममता बनर्जी के भरोसे चुनाव में बड़ी जीत संभव नहीं है. पिछले चुनावों में भी टीएमसी ने फिल्म और कला जगत से जुड़े चेहरों को मौका दिया था. इस बार भी ऐसी रणनीति दोहराई जा सकती है.
राज्यसभा के लिए भी उम्मीदवार की तलाश
विधानसभा चुनाव के बीच 16 मार्च को पश्चिम बंगाल की पांच राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव पर भी रणनीति तैयार की जा रही है. विधानसभा में संख्या बल के आधार पर टीएमसी कम से कम चार सीटें जीतने की स्थिति में है, जबकि भारतीय जनता पार्टी को एक सीट मिलने की संभावना है. सूत्रों के अनुसार, टीएमसी चार सीटों में से तीन पर पार्टी नेताओं को भेज सकती है, जबकि एक सीट पर गैर-राजनीतिक लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत नेटवर्क वाले चेहरे को मौका दिया जा सकता है.
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