खास बातें
TMC MLAs Arrested West Bengal: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय जो कुछ भी घटित हो रहा है, वह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के इतिहास का सबसे बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक संकट बनता जा रहा है. रविवार को कालीघाट में ममता बनर्जी की बैठक में 80 में से सिर्फ 20 विधायकों का पहुंचना महज एक ‘हाजिरी की कमी’ नहीं था. इसके पीछे राज्यभर में तृणमूल के बड़े चेहरों, पूर्व विधायकों और स्थानीय नगर पालिका प्रमुखों पर कानून का जो शिकंजा कसा है, उसने पार्टी की चूलें हिला दी हैं. पुलिस और जांच एजेंसियों की इस चौतरफा कार्रवाई के बीच अब टीएमसी ने सड़कों पर उतरकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है.
60 विधायकों की मिसिंग और कुणाल घोष का डैमेज कंट्रोल
रविवार शाम को जब पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर विधायक दल की बैठक रद्द हुई, तो बंगाल से लेकर दिल्ली तक कयासों का बाजार गर्म हो गया. पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने इसे जमीन पर पैदा हुई आपात स्थिति (Emergent Ground Situation) बताया.
तर्क और जमीनी हकीकत
कुणाल घोष ने दावा किया कि शनिवार को सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी और रविवार को हुगली में कल्याण बनर्जी पर हुए हमलों के बाद राज्यभर में टीएमसी कार्यकर्ता आक्रोशित हैं. विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को संभालने और पुलिस कार्रवाई से उन्हें राहत दिलाने में व्यस्त हैं.
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TMC MLAs Arrested West Bengal: बर्धमान से हुगली तक क्रैकडाउन
इस संकट की सबसे बड़ी वजह वह प्रशासनिक कार्रवाई है, जिसने जिला स्तर पर टीएमसी के पूरे संगठनात्मक ढांचे को बैकफुट पर ला दिया है. पिछले कुछ घंटों में कई बड़े नाम पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं.
- तपन चट्टोपाध्याय (पूर्व विधायक, पूर्बस्थली उत्तर): इन्हें सोमवार सुबह 7 बजे उनके आवास पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया. उन पर सरकारी राहत सामग्री के गबन का आरोप है. पुलिस ने उनके घर से 300 तिरपाल (Tarpaulins), सरकारी कंबल और खेल सामग्री (फुटबॉल, जर्सी) जब्त की है.
- खोकन दास (पूर्व विधायक, बर्धमान दक्षिण): इन्हें उत्तर प्रदेश के हांडी से गिरफ्तार किया गया है. इन पर रंगदारी और 2021 की चुनाव बाद हुई हिंसा का मामला दर्ज है. आरोप है कि इन्होंने 12 मई को खुद को ‘भविष्य का भाजपा पदाधिकारी’ बताते हुए एक राजमिस्त्री को धमकाया था.
- असित मजूमदार (पूर्व विधायक, चुंचुड़ा): हुगली में पुलिस के साथ टकराव और कानून-व्यवस्था बाधित करने के आरोप में इन्हें गिरफ्तार किया गया है.
- पूरी नगर पालिका की टीम अंदर : असित मजूमदार के साथ ही हुगली-चुंचुड़ा नगर पालिका के चेयरमैन सौमित्र घोष, वाइस-चेयरमैन पार्थ साहा और 3 मौजूदा पार्षदों (समीर सरकार, रंजन राहा, निर्मल चक्रवर्ती) को भी पुलिस ने दबोच लिया है.
- मेदिनीपुर और बिधाननगर में भी गिरी गाज : पश्चिम मेदिनीपुर से टीएमसी पार्षद विश्वनाथ पांडा, उनके बेटे और भतीजे को हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया गया है. बिधाननगर नगर निगम के पूर्व पार्षद अजीजुल हुसैन मंडल को एक महिला से मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
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433 गिरफ्तार, 1100 से अधिक हिरासत में : डीजीपी
पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्ध नाथ गुप्ता के अनुसार, राज्य में चुनाव बाद हुई हिंसा को लेकर प्रशासन सख्त है.
- हिंसा और अशांति फैलाने के आरोप में सोमवार तक 200 से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी है.
- पुलिस 433 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि 1100 से अधिक उपद्रवियों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है.
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ममता बनर्जी का आखिरी दांव
इस प्रशासनिक घेराबंदी से तिलमिलायी टीएमसी अब कानूनी लड़ाई के साथ-साथ राजनीतिक सड़क संग्राम की ओर बढ़ रही है. सोमवार को राज्य के सभी नगर पालिका वार्डों और ग्रामीण ब्लॉकों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने अभिषेक और कल्याण बनर्जी पर हुए हमलों के खिलाफ विरोध मार्च निकाला. 2 जून को कोलकाता के एस्प्लेनेड स्थित रानी रासमणि रोड पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद दिनभर के धरने पर बैठेंगी.
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