विधायकों की गुमशुदगी के बीच तृणमूल के 3 पूर्व विधायक और कई म्युनिसिपल चीफ गिरफ्तार, क्या बिखर रहा है ममता बनर्जी का कुनबा?

TMC MLAs Arrested West Bengal: पश्चिम बंगाल में टीएमसी के 3 पूर्व विधायकों और हुगली के म्युनिसिपल चेयरमैन की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक पारा चढ़ गया है. ममता बनर्जी की बैठक में 80 में से सिर्फ 20 विधायक पहुंचे. टीएमसी 2 जून को रानी रासमणि रोड पर बड़ा धरना देने जा रही है. पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.

TMC MLAs Arrested West Bengal: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय जो कुछ भी घटित हो रहा है, वह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के इतिहास का सबसे बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक संकट बनता जा रहा है. रविवार को कालीघाट में ममता बनर्जी की बैठक में 80 में से सिर्फ 20 विधायकों का पहुंचना महज एक ‘हाजिरी की कमी’ नहीं था. इसके पीछे राज्यभर में तृणमूल के बड़े चेहरों, पूर्व विधायकों और स्थानीय नगर पालिका प्रमुखों पर कानून का जो शिकंजा कसा है, उसने पार्टी की चूलें हिला दी हैं. पुलिस और जांच एजेंसियों की इस चौतरफा कार्रवाई के बीच अब टीएमसी ने सड़कों पर उतरकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है.

60 विधायकों की मिसिंग और कुणाल घोष का डैमेज कंट्रोल

रविवार शाम को जब पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर विधायक दल की बैठक रद्द हुई, तो बंगाल से लेकर दिल्ली तक कयासों का बाजार गर्म हो गया. पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने इसे जमीन पर पैदा हुई आपात स्थिति (Emergent Ground Situation) बताया.

तर्क और जमीनी हकीकत

कुणाल घोष ने दावा किया कि शनिवार को सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी और रविवार को हुगली में कल्याण बनर्जी पर हुए हमलों के बाद राज्यभर में टीएमसी कार्यकर्ता आक्रोशित हैं. विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को संभालने और पुलिस कार्रवाई से उन्हें राहत दिलाने में व्यस्त हैं.

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TMC MLAs Arrested West Bengal: बर्धमान से हुगली तक क्रैकडाउन

इस संकट की सबसे बड़ी वजह वह प्रशासनिक कार्रवाई है, जिसने जिला स्तर पर टीएमसी के पूरे संगठनात्मक ढांचे को बैकफुट पर ला दिया है. पिछले कुछ घंटों में कई बड़े नाम पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं.

  • तपन चट्टोपाध्याय (पूर्व विधायक, पूर्बस्थली उत्तर): इन्हें सोमवार सुबह 7 बजे उनके आवास पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया. उन पर सरकारी राहत सामग्री के गबन का आरोप है. पुलिस ने उनके घर से 300 तिरपाल (Tarpaulins), सरकारी कंबल और खेल सामग्री (फुटबॉल, जर्सी) जब्त की है.
  • खोकन दास (पूर्व विधायक, बर्धमान दक्षिण): इन्हें उत्तर प्रदेश के हांडी से गिरफ्तार किया गया है. इन पर रंगदारी और 2021 की चुनाव बाद हुई हिंसा का मामला दर्ज है. आरोप है कि इन्होंने 12 मई को खुद को ‘भविष्य का भाजपा पदाधिकारी’ बताते हुए एक राजमिस्त्री को धमकाया था.
  • असित मजूमदार (पूर्व विधायक, चुंचुड़ा): हुगली में पुलिस के साथ टकराव और कानून-व्यवस्था बाधित करने के आरोप में इन्हें गिरफ्तार किया गया है.
  • पूरी नगर पालिका की टीम अंदर : असित मजूमदार के साथ ही हुगली-चुंचुड़ा नगर पालिका के चेयरमैन सौमित्र घोष, वाइस-चेयरमैन पार्थ साहा और 3 मौजूदा पार्षदों (समीर सरकार, रंजन राहा, निर्मल चक्रवर्ती) को भी पुलिस ने दबोच लिया है.
  • मेदिनीपुर और बिधाननगर में भी गिरी गाज : पश्चिम मेदिनीपुर से टीएमसी पार्षद विश्वनाथ पांडा, उनके बेटे और भतीजे को हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया गया है. बिधाननगर नगर निगम के पूर्व पार्षद अजीजुल हुसैन मंडल को एक महिला से मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

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433 गिरफ्तार, 1100 से अधिक हिरासत में : डीजीपी

पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्ध नाथ गुप्ता के अनुसार, राज्य में चुनाव बाद हुई हिंसा को लेकर प्रशासन सख्त है.

  • हिंसा और अशांति फैलाने के आरोप में सोमवार तक 200 से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी है.
  • पुलिस 433 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि 1100 से अधिक उपद्रवियों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है.

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ममता बनर्जी का आखिरी दांव

इस प्रशासनिक घेराबंदी से तिलमिलायी टीएमसी अब कानूनी लड़ाई के साथ-साथ राजनीतिक सड़क संग्राम की ओर बढ़ रही है. सोमवार को राज्य के सभी नगर पालिका वार्डों और ग्रामीण ब्लॉकों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने अभिषेक और कल्याण बनर्जी पर हुए हमलों के खिलाफ विरोध मार्च निकाला. 2 जून को कोलकाता के एस्प्लेनेड स्थित रानी रासमणि रोड पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद दिनभर के धरने पर बैठेंगी.

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Published by: Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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