कॉलेज व विश्वविद्यालयों में छात्र संसद चुनाव से संबंधित मामले की सुनवाई फिर टली

राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संसद चुनाव कराने की मांग वाली याचिका पर कलकत्ता उच्च न्यायालय में गुरुवार को होने वाली सुनवाई टल गयी.

अब 26 अगस्त को होगी मामले की अगली सुनवाई

संवाददाता, कोलकाता.

राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संसद चुनाव कराने की मांग वाली याचिका पर कलकत्ता उच्च न्यायालय में गुरुवार को होने वाली सुनवाई टल गयी. राज्य सरकार के अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने के लिए कलकत्ता हाइकोर्ट से और समय देने की मांग की, इसके बाद ही न्यायमूर्ति सुजय पाल और न्यायमूर्ति स्मिता दास डे की खंडपीठ ने कल्याण बनर्जी का आवेदन स्वीकारते हुए मामले की सुनवाई टाल दी. खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 अगस्त का दिन निर्धारित किया है. खंडपीठ ने सभी पक्षों को सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने का निर्देश दिया है.

गौरतलब है कि राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लंबे समय से छात्र संसद के चुनाव नहीं हुए हैं. इस संबंध में उच्च न्यायालय में जनहित याचिकाएं दायर की गयी हैं. पिछली सुनवाई (17 जुलाई को) के दौरान न्यायमूर्ति सोमेन सेन और न्यायमूर्ति स्मिता दास डे की खंडपीठ ने राज्य सरकार से चुनाव न कराने को लेकर सवाल किया था. राज्य के वकील ने तब अदालत में तर्क दिया था कि कई विश्वविद्यालयों में स्थायी कुलपति न होने के कारण चुनाव नहीं हो पा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि राज्य का काम केवल चुनावों के लिए अधिसूचना जारी करना है. इस पर, खंडपीठ ने राज्य सरकार को पहले अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया था और कहा था कि बाकी का काम अदालत देखेगी. खंडपीठ ने राज्य से अधिसूचना जारी करने को लेकर उसकी योजना की जानकारी अदालत में पेश करने को कहा है. वहीं, याचिकाकर्ता के वकील ने अपने हलफनामे में कहा है कि राज्य के कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लंबे समय से चुनाव नहीं हुए हैं और इस मामले में राज्य सरकार पूरी तरह से उदासीन है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >