खास बातें
Diamond Harbour Municipality Board Dissolved: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त झेलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पैर उखड़ते जा रहे हैं. पार्टी के लिए अब तक का सबसे बड़ा और आत्मघाती झटका तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर से आया है.
टीएमसी के हाथ से निकली एक और नगर पालिका
सोमवार को डायमंड हार्बर नगर पालिका (Diamond Harbour Municipality) का बोर्ड पूरी तरह से भंग कर दिया गया. यह प्रशासनिक और राजनीतिक फैसला टीएमसी के 9 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे के बाद लिया गया है. इसके बाद इस नगर निकाय की सत्ता टीएमसी के हाथ से निकलकर सरकारी नियंत्रण में चली गयी है.
अभिषेक के ‘मॉडल’ पर अपनों का ही प्रहार
डायमंड हार्बर को अभिषेक बनर्जी का अभेद्य किला माना जाता था. वे अक्सर अपने ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ का ढिंढ़ोरा पीटते थे. लेकिन इस बार अपनों ने ही इस मॉडल की धज्जियां उड़ा दी हैं.
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31 मई को नौवें पार्षद ने दिया इस्तीफा
कुल 16 वार्डों वाली इस नगर पालिका में बगावत की शुरुआत 25 मई को ही हो गयी थी. उस दिन 8 पार्षदों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद बचे-खुचे बोर्ड को बचाने की कोशिशें नाकाम रहीं और रविवार (31 मई) को नौवें पार्षद ने भी इस्तीफा दे दिया. दो-तिहाई बहुमत से ज्यादा पार्षदों के पद छोड़ते ही राज्य के शहरी विकास और नगर मामलों के विभाग ने बोर्ड को भंग करने का आदेश जारी कर दिया. डायमंड हार्बर के सब-डिवीजनल ऑफिसर (SDO) अयान दत्तागुप्ता ने बतौर प्रशासक नगर पालिका की कमान संभाल ली है.
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क्यों बागी हुए टीएमसी के पार्षद? लगाये बेहद गंभीर आरोप
आमतौर पर चुनावों के बाद दलबदल राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए होता है, लेकिन डायमंड हार्बर के पार्षदों ने जो कारण बताये हैं, वे टीएमसी के शीर्ष नेतृत्व को कटघरे में खड़ा करते हैं. पार्षदों का आरोप है कि बोर्ड के भीतर बड़े पैमाने पर पैसों का हेरफेर और वित्तीय भ्रष्टाचार हो रहा था, जिसकी शिकायत करने के बावजूद कोलकाता में बैठे बड़े नेताओं ने कोई सुध नहीं ली.
पुलिस का अत्यधिक नियंत्रण
वार्ड 7 के तमाल हालदार जैसे बागी विधायकों ने खुल्लमखुल्ला आरोप लगाया है कि नगर पालिका को चेयरमैन नहीं, बल्कि पुलिस चला रही थी. वरिष्ठ नेताओं के इशारे पर पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल जन-प्रतिनिधियों को दबाने के लिए किया जा रहा था. पार्षदों ने लिखित रूप में शिकायत की है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही थीं.
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बर्धमान और बैरकपुर के बाद अब डायमंड हार्बर भी साफ
पश्चिम बंगाल के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी के भीतर यह बिखराव केवल डायमंड हार्बर तक सीमित नहीं है. यह एक ‘चेन रियैक्शन’ है.
- उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों की कम से कम 7 नगर पालिकाओं से अब तक 100 से अधिक टीएमसी पार्षद इस्तीफा दे चुके हैं.
- उत्तर बैरकपुर नगर पालिका में भी 20 में से 15 पार्षदों ने चेयरमैन सहित इस्तीफा दे दिया है.
- ममता बनर्जी ने पिछले दिनों पार्षदों के साथ बैठक कर उनसे पद न छोड़ने की भावुक अपील की थी. उन्होंने यहां तक कहा था कि ‘जो जाना चाहता है, मैं उसे रोकूंगी नहीं’. पार्षदों ने दीदी की इसे हरी झंडी मान लिया और ताबड़तोड़ इस्तीफे दे दिये.
Diamond Harbour Municipality Board Dissolved: चेयरमैन प्रणब दास भी असहाय
डायमंड हार्बर नगर पालिका के चेयरमैन प्रणब दास ने माना कि वे इस स्थिति को रोकने में असमर्थ रहे. उन्होंने सभी इस्तीफे राज्य सरकार को अग्रसारित कर दिये थे. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे भी पाला बदलने वाले हैं, तो उन्होंने कहा- फिलहाल तो मैं तृणमूल में हूं.
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