नंगे पांव इस्कॉन में शुभेंदु अधिकारी ने की गौ सेवा, संतों के साथ बंगाल के सांस्कृतिक पुनर्जागरण पर बड़ी बैठक

CM Suvendu Adhikari Mayapur ISKCON Visit: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी गुरुवार को मायापुर इस्कॉन मुख्यालय पहुंचे. धोती-कुर्ता पहनकर नंगे पांव गौशाला में गौ सेवा की और इस्कॉन के संतों से मुलाकात की. इस दौरान नदिया जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे.

CM Suvendu Adhikari Mayapur ISKCON Visit: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी गुरुवार को अलग अंदाज में नजर आये. सत्ता की भाग-दौड़ से दूर, नदिया जिले के मायापुर स्थित अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) के वैश्विक मुख्यालय पहुंचे. सफेद धोती-कुर्ता पहने और पूरी तरह भक्ति भाव में डूबे शुभेंदु अधिकारी पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे नंगे पांव मंदिर की गौशाला में दाखिल हुए.

इस्कॉन की गौशाला में गौ पूजन करते बंगाल के मुख्यमंत्री.

सांस्कृतिक रूप से भी अहम सीएम की यात्रा

गौशाला में उन्होंने न केवल गौ पूजा की, बल्कि अपने हाथों से गायों को फल और मिठाइयां भी खिलायीं. मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने इस्कॉन के शीर्ष संतों के साथ बंगाल की आध्यात्मिक विरासत को विश्व पटल पर नयी पहचान दिलाने के रोडमैप पर चर्चा की है.

मायापुर के इस्कॉन मंदिर में शुभेंदु अधिकारी ने हवन भी किया.

जब गौशाला में गायों के बीच पहुंचे दादा

मायापुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने किसी भी प्रकार के प्रोटोकॉल की औपचारिकता को आड़े नहीं आने दिया. मंदिर परिसर की गौशाला में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गौ माता की पूजा की. उन्होंने गायों को केला, सेव और मंदिर का विशेष मिष्ठान्न खिलाया. उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए यह एक दुर्लभ दृश्य था, जब राज्य का मुखिया एक साधारण सेवक की भांति गौशाला में समय बिता रहा था. सीएम ने कुछ समय ध्यान भी लगाया.

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इस्कॉन के संतों के साथ बंद कमरे में मंथन

गौ पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने इस्कॉन मंदिर प्रबंधन और वहां के वरिष्ठ साधु-संतों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक में मायापुर को ‘विश्व आध्यात्मिक राजधानी’ के रूप में विकसित करने और बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने इस्कॉन के शिक्षण संस्थानों के कार्यों का जायजा लिया और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया. इस मुलाकात को बंगाल में सनातन मूल्यों की पुनर्स्थापना के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.

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चप्पे-चप्पे पर पहरा, छावनी में तब्दील मायापुर

मुख्यमंत्री के इस हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. पुलिस के आला अधिकारियों ने सुबह से ही कमान संभाल ली थी. मायापुर के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग की गयी थी. मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए सुबह से ही देश-विदेश से आये श्रद्धालु और स्थानीय लोग मंदिर के बाहर कतारों में खड़े रहे. संवेदनशील इलाकों और मंदिर परिसर की निगरानी के लिए पुलिस ने ड्रोन का भी सहारा लिया.

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शुभेंदु अधिकारी का मायापुर जाना और वहां गौ पूजा करना बंगाल की बदलती राजनीति का एक बड़ा संकेत है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी इस्कॉन जैसे वैश्विक मंच के जरिये बंगाल की जनता को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनकी सरकार विकास के साथ-साथ राज्य की जड़ों और धर्म की रक्षा के लिए भी उतनी ही गंभीर है.

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Published by: Mithilesh Jha

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